Wednesday, April 29, 2020

नेटवर्क मार्केटिंग का भविष्य

नेटवर्क मार्केटिंग का भविष्य । Future of Network Marketing in India

Network Marketing आने वाले समय का सबसे बड़ा रोजगार का बिजनेस हैं ।रेड कारपेट हैं । नेटवर्क मार्केटिंग २१वीं शताब्दी में सबसे अधिक रोजगार के अवसर देगा। और ये बात में ऐसे ही नहीं बल्कि इसमें 100% सच्चाई हैं। आज अगर आप दूसरे देशो के रोजगार को उठा के देखें  तो जो भी देश आज सबसे अधिक  डेवलप हैं । उन सभी देशों के अंदर नेटवर्क मार्केटिंग को बहुत ही ज्यादा महत्व दी जाती हैं । Network Marketing लोगो का बिज़नेस हैं। और जब तक दुनिया मे लोग रहेंगे जब तक ये बिज़नेस जोरदार तरीके से चलता रहेगा।भारत में कुछ लोग इस बिज़नेस को फसने फ़साने का काम भी बोलते हैं। या फिर कहते हे ये एक Chain वाला सिस्टम है। और कुछ लोग तो यहां तक मानते हैं की जो लोग फालतू होते हैं या जिनके पास करने को कोई काम नहीं होता वो लोग ये काम करते हैं। लेकिन मैं उनसे सहमत भी ह़ू  क्यूंकी उन लोगो के पास अभी तक इस बिज़नेस की विशेष जानकारी नहीं पहुंच पायी हैं। दुनिया मैं कुछ काम ऐसे भी होते हैं जो लोगो को आसानी से समझ में नहीं आते।

चलिए में आपको एक साधारण से उदाहरण से समझता हूं। हम लोग दिन भर Facebook और Whatsapp का कितना प्रयोग करते हैं और इसके लिए आपसे एक पैसा भी नहीं लिया जाता। तो आप ये सोचिये की उनकी कमाई कैसे होती हैं और जबकि Facebook दुनिया में टॉप 10 बिज़नेस में आती है। कमाई के मामले में ।कुछ लोग सोचते हैं अगर फेसबुक आपसे पैसा नहीं ले रहा तो कमाता कैसे हैं?  कुछ लोगो सोचते हे फेसबुक की कमाई कैसे होती है। कुछ सोचते हैं होती है भी या नहीं ।और कुछ लोग इसके बारे में रिसर्च करना नहीं चाहते हैं। दोस्तों सबसे पहले आपके लिए ये जानना जरूरी हैं की कोई इंडस्ट्री बनती कैसे हैं और चलती कैसे है?

किसी भी नयी इंडस्ट्री को चलने के लिए उसे 4 Phases से गुजरना पड़ता है।

Negative Phase

Positive Phase

Growth Phase

Compensation Phase

Netgative phase हर नई इंडस्ट्री को झेलना पड़ता हैं जब भी Market में कोई नया बिज़नेस आता हे तो लोग पहले पहले उसे ठीक से समझ नहीं पाते और उसे इग्नोर कर देते हैं ।जैसे की बैंकिंग सेक्टर, इन्शुरन्स, टेलीकॉम और आईटी इंडस्ट्री के साथ भी हुआ था पहले न तो कोई बैंक में पैसा रखता था ।और न ही इन्शुरन्स लेता था ।क्युकी पहले लोगो को किसी पे भरोसा नहीं था लेकिन देखिये आज ये वही इंडस्ट्री हैं जिनके बिना किसी भी राज्ये की कल्पना करना असंभव हैं।

Positive Phase:- ये वो टाइम होता हे जब लोग का इंडस्ट्री के ऊपर ट्रस्ट बढ़ने लगता हैं। और उनका भरोसा निर्भर करता हैं रिजल्ट्स पर। और जो लोग उस टाइम इंडस्ट्री में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे होते जो इंडस्ट्री को इग्नोर करते हे ।वो रिजल्ट देखने के बाद उस इंडस्ट्री में दिलचस्पी लेने लगते है। जैसा की बैंकिंग इंडस्ट्री और इन्शुरन्स इंडस्ट्री के साथ हुआ था। इन्शुरन्स की वैल्यू लोगो को तब पता चली होगी जब किसी दुर्घटना के बाद उसके घरवालों को पैसा मिला होगा।

Growth Phase: जब एक बार किसी इन्दुस्र्ती पर लोगो का भरोसा होने लगता हैं ।तो उसकी ग्रोथ बहुत जल्दी होने लगती है। क्युकी ऐसे फेज में लोगो को ज्यादा समझाने और बताने की जरूरत नहीं होती हैं ।और जब तक कोई कंपनी ग्रोथ फेज में नहि आ जाती लोग उसके साथ जुड़ना पसंद नहीं करते। और जैसे कंपनी Growth Phase में एंटर करती हैं तो लोग उसके साथ इन्वेस्टमेंट के साथ साथ काम भी करना शुरु कर देते हैं।

Competition Phase : हर एक कंपनी के अंदर ही एक वक़्त ऐसा आता है। जब कंपनी के अंदर ही कम्पटीशन बढ़ने लगता है। कंपनी की ग्रोथ को देख कर ही मैक्सिमम लोग कंपनी से जुड़ना शुरु कर देते हैं।और ज्यादा लोग जुड़े होते हैं तो ज्यादा प्रॉफिट के चक्कर में लोगो के अंदर ही कम्पटीशन होने लगता हैं । फिर चाहे कोई भी सेक्टर हो बैंकिंग, टेलीकॉम, या फिर हो ऑनलाइन शॉपिंग. आज के टाइम हर सेक्टर में बहुत ही हाई लेवल का कम्पटीशन है।

किसी भी Industry को ज्वाइन करने का बेस्ट टाइम क्या होता है ?

आपके लिए सबसे बेस्ट टाइम हो सकता है ।नेगेटिव फेज, क्यूंकी उस नेगेटिव फेज में लोगो का ट्रस्ट नहीं होता।अगर आप बिज़नेस मॉडल को ठीक से समझ पा रहे हे आपका ट्रस्ट उस Industry पर पे बन रहा है। तो आप बिना झिझके उसी नेगेटिव फेज में कंपनी को ज्वाइन कर लीजिये।क्यूंकी ऐसा करने से आपका Growth Rate बहुत ज्यादा हो जाता है। और ऐसे में आपके कम्पटीशन के लिए कोई खड़ा नहीं होता।

तो इसी लिए आपके लिए जरूरी हैं आप कंपनी के सारे फेसेस को अच्छे से समझिये। कंपनी के Composition plan को अच्छे से समझिये। उसकी Core value, Company Policies. नेगेटिव फेज में काम शुरु करने से Growth Rate बहुत ज्यादा होते है।

Network Marketing Business अभी अपने नेगेटिव फेज में हैं इसके बाबजूद में आपको ऐसे बहुत सारे कारण बता सकता हूं । जिससे आपको लगेगा आपको Network Marketing Business क्यों करना चाहिए।

1. Low Investment: नेगेटिव फेज में होने बाद भी नेटवर्क मार्केटिंग में बहुत सारे करोडपति लोगो को खड़ा कर दिया है।और दोस्तों इसकी सबसे अच्छी बात ये हे की ये बिज़नेस काम Investment या बिना Investment के भी किया जा सकता हैं।
2. Leadership.. Qualities: लोगो के अंदर की leadership qualities को Improve किया जाता है। लोगो के अंदर हIरने के दर को हरा कर जितने का जज्बा पैदा किया जाता हैं Positive Motivation दिया जाता हैं ।और लोगो को  Personality को भी एक अच्छे लेवल पे Develop किया जाता हैं और उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया जाता है।

नेटवर्क मार्केटिंग का बर्तमान और भविष्य क्या होने वाला हैं इंडिया में | Future of Network Marketing in India

According to FICCI (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry) Network Marketing Industry का मार्किट साइज 6 Thousand करोड़ आंका गया हैं ओस सुयत्वातिओं को देखते हुए FICCI ने Declare किया हैं की Direct Selling Business 2020-2025 तक 645 अरब तक की हो जाएगी. आपके लिए इस बात को जानना बहुत ज्यादा जरूरी हैं की अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन जापान, कोरिया और सिंगापुर जैसी बहुत सारी developed countries ने Network Marketing Business को बहुत हद तक अपना लिया हैं और वहां के सभी नागरिक  बहुत ज्यादा जागरूक हैं।

बदलाव के बिना तरक्की नहीं की जा सकती है। और जो लोग अपने सोचने का तरीका नहीं बदल पाते। वो लोग अपनी ज़िन्दगी में कुछ भी नहीं बदल पाते.जैसे NOKIA, KODAK जैसी बड़ी कंपनियां  चलने वाले लोग भी अपने सोचने का तरीका नहीं बदल पाए, इसलिए अपनी शानदार शुरुवात के बाद भी वो वक़्त से पहले इतिहास का हिस्सा बन गए। हम इससे आपको बाद यही बताना चाहते हैं बदलाव ही प्रकृति का नियम है।

आपके जीवन में  कम से कम एक GOAL लक्ष्य होना जरूरी है। ताकि आप उसके लिए काम कर सके। रोज़ एक जैसा जीवन न दोहराये। रोज़ कुछ नया करने की कोशिश करे।
मित्रों हम अपने जीवन में हर समय कुछ न कुछ खरीदते रहते हैं। और वह हर वस्तुएं अलग अलग स्थान दुकान से खरीदते हैं। आइये जाने कि यह किन किन माध्यमों से हमारे पास तक यह सभी वस्तुएं पहूंचती हैं।
1  सरकार के द्वारा..
आज सरकार का अपना एक बिजनेस मोडल है जैसे सरकारी अनाज , और गैस, पेट्रोल, डीजल इत्यादि.. परंतु आप प्रतिदिन देख रहे हैं कि इन सभी में सबसे अधिक समस्या और भ्रष्टाचार है। और सरकार करोड़ों अरबो रुपये खर्च कर भी लगभग सफल नही हैं। और रोजगार भी लगभग माइनस हो रहा है। हमारे नव युवाओं के देश में आज सरकार रोजगार के मामले में निसहाय हो चुकी हैं। और लगभग सरकार के द्वारा लायी गई सभी सामान का भाव भी किसी के समझ में आना मुश्किल है।
2. Tredional Marketing
आज हम अपने जीवन में लगभग 75% सामान इसी बाजार से खरीदते हैं। जिसमें सभी कंपनिया अपने सामान को हमारे पास पहुंचाने के लिए किसी सेलीब्रिटी, हीरो, हीरोइन, क्रिकेटर , लोकप्रिय व्यक्ति के प्रचार के माध्यम से टीवी समाचार पत्रो शोशियल मीडिया के माध्यम से करोडों रूपिया खर्च करते हुए देश प्रदेश जिले शहर तक डिस्ट्रीब्यूटर फिर रिटेलर के माध्यम से हम तक पहूंचाती हैं। और वह सभी वस्तुओं जिसे हम जिस कीमत में खरीदते हैं। उसका लगभग 60से 70% कीमत उपरोक्त विभागों के डीलरो में पहले ही बंट जाता है।
3- Network Marketing
मित्रों आपने देखा कि सरकार के माध्यम से अथवा व्यापारियों के माध्यम से हमने आज तक सभी वस्तुओं की जो भी सामान खरीदते हैं। उसमें हमारे देश की न ही रोजगारी दूर हुई और न ही हमें सामान सस्ते मिले। सरकार में राजनीतिक बटवारा हुवा और जो कुछ  बचा उसमे कुछ  सरकारी अधिकारियों ने बांटा और बाकी बचा तो  हमारे ईमानदार भ्रष्टाचारी व्यापारियों ने बांट लिया। और सबसे महत्वपूर्ण एक हिस्सा यह भी है कि इन दो बिजनेस माडलो में हमे यह भी आजतक लगभग बहुत सारे सामानों का। समझ में नही आया कि इसमें हकीकत में सच्चाई क्या है। इस सामान में क्या डाला गया है। इसकी क्वालिटी क्या हैं? जिस सेलीब्रिटी ने बताया उसे न ही कभी प्रयोग किया न ही उसके बारे में उसे पता होता है।
अब एक ही विकल्प बचा है कि हम यदि इस तीसरे बिजनेस मोडल को हम थोड़ा समझे और थोडी मेहनत करें। तब शायद हम अपने बहुत सारे देश के नौजवानो को रोजगार ही नही अपितु बहुत सारे समस्याओ का समाधान भी दे सकते हैं।
अधिक और विस्तृत जानकारी के लिए आज ही संपर्क करें।
आइये हम सब मिलकर देश मे एक
नये रोजगार में सहभागी बनें।
संपर्क
करिश्मा चेरिटेबल ट्रस्ट
अलकापुरी सोसाइटी विजलपोर नवसारी गुजरात मो. 9898630756

Monday, April 27, 2020

पोलिस भी इंसान हैं ! कोरोना से सुरक्षा विभाग भी सुरक्षित नही..? MS में दो पोलिस जवानों की करुण मौत..! HUMAN RIGHTS

आज संपूर्ण भारत कोरोना से संक्रमित हो चुका है। सरकार शोसियल डिस्टेंस के मद्देनजर नई नई  घोषणाएं कर रही है।परंतु सबसे अधिक रात दिन २४ घंटे कार्यरत पोलिस आज इस महामारी से अछूती नही हैं। आज सेना के जवान से लेकर होमगार्ड तक इस महामारी ने सभी को दबोच चुकी है। सरकार कोई भी नियम कानून को अमल करने की अथवा करवाने की जवाबदेही सुरक्षा विभाग में नही समझती। महाराष्ट्र में अभी तक 46 जवान पुलिस विभाग के कोरोना के पोजीटिव पाये गये।और दो पोलिस कर्मी अपनी जान गवा चुके हैं। समस्त जातियों की सुरक्षा प्रदान करने वाले सुरक्षा विभाग के पोलिस कर्मियों को सरकार शायद इंसान ही नहीं समझती। खासकर गुजरात में सरकार पोलिस विभाग के होमगार्ड से लेकर सर्वोच्च अधिकारियों को अभी तक कोई खास सुरक्षित युनिफोर्म किट के अन्य साधन अभी तक उपलब्ध नहीं करवा पायी। द्विचक्रीय वाहनो में एक की जगह दो। और फोर विलर में कभी कभी गिनती करना मुश्किल हो जाता है। जानकारो की माने तो इन्हें मानवाधिकार का भी कोई कानून नही लगता। भारत के सिवा भारत जैसे विकसित देशो में सुरक्षा विभाग में सभी कर्मचारियों से लेकर सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों तक सुपर क्लास वन की सुविधाएं दी जाती हैं। और यहां
कई कई दिनो तक इनके पास एक साथ लगातार बिना किसी इमरजेंसी के काम करवाया जाने की प्रथा वर्षों से चल रही है। यह कब तक जारी रहेगा इसका जवाब भी चांद से तारे लाने जैसा है। सरकारें बदल जाती हैं। दिन बदल जाता है। महीने और मौसम बदल जाता है। वर्ष के साथ शक संवत बदल जाते हैं। परंतु यह पोलिस विभाग को भी इंसान हैं। ऐसी समझ अभी तक नही बदली। हालत बद से बदतर होती जा रही है। अब महिलाओं से भी २४ घंटे काम यह विभाग ले रहा है। विद्वानों के मतानुसार यह सिर्फ बेरोजगारी मंहगाई से उत्पन्न गरीबी की पीड़ा के सिवा और कुछ नही है। आज गांधी के गुजरात में दारूबंदी अर्धसेंचूरी मना चुकी है। इसके पीछें का रहस्य भी कुछ इसी तरह से है। और इस समाचार को गंभीरतापूर्वक सरकार को लेना चाहिए। परंतु चल रही खबरो के अनुसार यहाँ समाचारों की गंभीरता से ज्यादा ऐसे विचार व्यक्त करना अथवा समाचारों के संपादको को अति गंभीरता से लिया जाता है। अब देखना होगा कि सरकार अपने ही बनाये कानून की अमलीकरण करने की प्राथमिकता देती है। और पोलिस का हर जवान सबसे पहले वह भी एक इंसान है। और वह सभी समस्याओं का समाधान भी । सरकार की यह प्राथमिकता में होना चाहिए। सभी सुविधाएं मुहैया करवायेगी अथवाऐसे सत्य को सत्यापन करने वाले लेखकों की...

Thursday, April 23, 2020

कोरोना का रामबाण इलाज मिल गया ! प्लाज्मा थेरेपी से डॉक्टरों ने मरीज का किया सफल इलाज



मिल गया कोरोना का रामबाण इलाज !

प्लाज्मा थेरेपी से डॉक्टरों ने मरीज का किया सफल इलाज

दिल्ली के निजी अस्पताल में 49 साल के कोरोना पीड़ित के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी दी गई.


आज भारत देश जब कोरोना जैसी महामारी से त्राहिमाम हो चुका है। लोकडाउन के सिवा कोई विकल्प नही मिल रहा है। ऐसे संकट समय में भारत की राजधानी दिल्ली में एक प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सको ने प्लाज्मा थैरोपी से एक बडी सफलता पाई है।कोरोना (Coronavirus) से इलाज में भारत को बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) से जिस कोरोना पीड़ित मरीज का इलाज किया गया वो अब कोरोना के संक्रमण से ठीक हो गया है। इस व्यक्ति के पिता की कुछ दिन पहले कोरोना से ही मौत हो गई थी. मरीज की मां और बहन भी कोरोना से रिकवर कर चुकी हैं। 8 अप्रलै को भर्ती हुए इस मरीज की तबीयत बिगड़ने के बाद इसे प्लाज्मा थेरेपी दी गई थी।दरअसल दिल्ली के निजी अस्पताल में 49 साल के कोरोना पीड़ित के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी दी गई। प्लाज्मा थेरेपी के लिए पहली शर्त यही है की कोरोना से संक्रमित मरीज के ही खून से प्लाज्मा कोरोना पीड़ित को दिया जाता है।

प्लाज्मा थेरेपी होती क्या है:-

मैक्स हेल्थ के ग्रुप डायरेक्टर डॉ संदीप बुद्धिराजा ने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी देने के लिए ये जरूरी होता है कि कोई ऐसा मरीज मिले जो कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुका हो| और 14 दिन बीत चुके हों. प्लाज्मा थेरेपी के लिए सबसे मुश्किल काम डोनर का इंतजाम करना होता है. इस मामले में दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले परिवार ने अपने बेटे के लिए एक डोनर का इंतजाम किया|

प्लाजमा थेरेपी ने बचाई जान

बुद्धिराजा ने बताया कि परिवार ने हमें रिक्वेस्ट की कि हमारे बेटे पर यह थेरेपी की जाए। और परिवार ने एक ऐसी महिला डोनर का भी प्रबन्ध किया। जिसके प्लाज्मा से हमने इस मरीज पर यह थेरेपी आजमाई है\ उन्होंने कहा कि हम यह तो नहीं कह सकते कि यह पूरी तरह उसी से ठीक हुआ है। लेकिन रिकवरी में उससे काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि प्लाज्मा थेरेपी करने के बाद अगर कोरोना वायरस से रिकवर हुए और मरीज आगे आते हैं तो 2 मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

क्या प्लाजमा है कोरोना का रामबाण?

उन्होंने कहा कि मरीज में एक बार में 200ml प्लाज्मा डाला जाता है जबकि रिकवर हुए व्यक्ति से हम 400ml प्लाज्मा निकाल सकते हैं। डॉक्टर ने कहा कि इसकी लागत एक प्राइवेट अस्पताल में 10 से 12000 आ सकती है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह लागत कम हो सकती है। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि सरकार मंजूरी देने में बहुत देर करती है. अप्रूवल का प्रोसेस फास्ट किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि भारत सरकार और राज्य सरकार इस प्लाज्मा थेरोपी को कितना महत्व देती है। वैसे गुजरात के बडोदा से भी ऐसी ही खबरे आ रही है ।




नवसारी शहर में बंदर रोड की हालत गंभीर

नवसारी गुजरात राज्य की सबसे महत्वपूर्ण एवम ऐतिहासिक संस्कारी नगरी के रूप में मानी जाती है। परंतु कुछ वर्षों से इस पर कुछ असामाजिक तत्वों के ...