Sunday, October 31, 2021

नवसारी जिला पंचायत में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर ...! मार्ग और मकान पंचायत में भ्रष्टाचार बना शिष्टाचार...!





लोकरक्षक समाचार नवसारी 
        गुजरात की ऐतिहासिक संस्कारी नगरी नवसारी जिले में नवसारी जिला पंचायत आज भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को लांघ चुका है। 5से 8 मंजिला इमारतें आज राम भरोसे बन चुकी है।और निर्माणाधीन है। और यहां हालत बद से बद्तर होती जा रही है। पंचायत के इंजीनियरों से पता चला कि ग्राम पंचायतों में किसी भी प्रकार के कंस्ट्रक्शन में उनकी कोई भूमिका नहीं है। न ही उसमें उन्हें जांच करने का अधिकार प्राप्त है। नवसारी जिले में तालुका विकास अधिकारियों से लेकर जिला विकास अधिकारी तक को ऐसे किसी भी मामलों का पता नहीं होता। और न ही किसी भी प्रकार की जांच की जरूरत समझी जाती है। ऐसे कई मामले मीडिया में अनलीगल कंस्ट्रक्शन के उजागर होते हैं। परंतु नवसारी जिला पंचायत में मीडिया की खबरों की कोई मान्यता अभी तक नहीं दी जाती है। न ही किसी भी अखबार को किसी भी अधिकारी के कार्यालय में अंदर तक जाने की इजाजत है। नवसारी जिला विकास अधिकारी से मिलने के लिए बिन अधिकृत एरकंडीशन में बैठे जिनकी कायदे-कानून के मुताबिक कोई मान्यता है। मान्यता न होने के बावजूद उनके यहां घंटों तक लाइन में खड़े रहना अनिवार्य है। जब कि गुजरात विकास कमिश्नर श्री ने हुक्म दिया है कि किसी भी कर्मचारी को उसकी मूल जगह पर ही रखा जाय। एरकंडीशन वाहनों के साथ कार्यालय से न निकालने पर वेतन से भरने वाले हुक्म को नवसारी जिला पंचायत में मानना गुनाह समझा जाता है। गुजरात विकास कमिश्नर श्री के कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार एक भी अधिकारी एरकंडीशन निकालने वाले हुक्म को अभी तक न मान रहा है न ही मानने के लिए संकेत दिया है। हालत बद से बदतर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री श्री यदि तत्काल प्रभाव से हस्तक्षेप नहीं करते फिर नवसारी विजलपोर नगरपालिका में फातेमा बिल्डिंग जैसी हालत हर जगह देखने को मिलना एक सामान्य हो सकती है। फिलहाल गुजरात राज्य के विकास कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से जरुरी कदम उठाने की राह देखी जा रहा है। आज सभी विद्वानों पाठकों जानकारों की नज़रें इस समाचार के अंतिम भाग के उपर गड़ी हुई है।


नवसारी जिला पंचायत मार्ग और मकान आज वर्षों से भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ है। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां दस से पंद्रह वर्षों से एक ही कचेहरी में कर्मचारियों अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। यहां भी गुजरात सरकार के किसी भी प्रकार के कायदे-कानून को अपने फायदे के मुताबिक उपयोग किया जाता है। आज लगभग सभी रोड गारंटी पीरियड में ही टूट जाते हैं। और अभी तक किसी भी इंजीनियर को सरकार निलंबित कर पाई है। यहां ज्यादातर काम से अधिक नेताओं की हिफाजत करने में दिलचस्पी दिखाई जाती है। जिसकी वजह से यहां बदली का कायदा हो अथवा गैरकानूनी एरकंडीशन निकालना आरटीआई हो आरसीपीएस ,लघुत्तम मासिक वेतन धारा 1948 हो या गुजरात सेवा वर्तणुंक नियमों 1971, कर्मचारी राज्य बीमा निगम जैसे अनिवार्य नियमों की जानकारी अधिकारियों को नहीं है। यहां अधिकतर अधिकारी आरक्षण सेटिंग डोंट कोम अथवा यज्ञ हवन पूजा अर्चना कर लक्ष्मी दर्शन से नियुक्ति होने की वजह से कोई नियमों कायदे कानून से लेना देना नहीं है। 

Friday, October 29, 2021

DGVCL कंपनी में सीधे हो रही डकैती ...! गाय एवम नागरिकों की हो रही मौतों के जवाबदार अधिकारी बाहर क्यों. .?


नवसारी जिले में आज वर्षों से  दक्षिण गुजरात वीज कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही से गाय बकरी के साथ नागरिकों की मौत हो रही है। और इस पर सरकार के प्रबुद्ध वर्ग के नेता और सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी अभी तक किसी भी प्रकार से कार्यवाही करना अलग एक लाइन वक्तव्य भी देना उचित नहीं समझा रहे। आज मंहगाई बेरोजगारी की वजह सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार होने के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार के पास शायद कानून एक खेल है। और कायदे-कानून की बात करना फिलहाल नवसारी जिले में करना नवसारी जिले के नेताओं और अधिकारियों के लिए संभव नहीं। इसके लिए कानून की जानकारी से पहले उन्हें खुद ईमानदार और हिम्मत की बात जरुरी है। और अक्सर आज के माहौल में अधिकारी हो नेता लगभग एक ही मंच पर एक ही नाव में सवार दिखाई दे रहे हैं। आज की भोली भाली जनता को समझना मुश्किल हो चुका है कि ये शासन के नेता हैं कि प्रशासन के अधिकारी। आज भ्रष्टाचार में डूबे रहे अधिकारी अक्सर शासन की नाव में सवार होकर शुद्ध और पवित्र ताजा की खबरें आम हो चुकी है। 
गुजरात राज्य में विकास की जड़ का एक प्रमुख भाग बिजली को माना जाता है। और इसका फायदा यहां सरकारी नेता हो बिजली विभाग के अधिकारी दिल खोलकर उठाते हैं। और यह खेल अक्सर छोटे छोटे उद्योगों के साथ मध्यम वर्गीय नागरिकों के साथ यहां अधिकारी अक्सर उठाया करते हैं। नवसारी जिले के ही क्षेत्र को दक्षिण गुजरात वीज कंपनी के अधिकारियों ने कुछ इस तरह बांट दिया है कि नागरिकों को समझना मुश्किल है कि कौन सी जगह किस अधिकारी के किस विभाग में और कहा पर आती है नवसारी जिले में ही है कि पड़ोसी जिले में ।नवसारी जिले में ग्रामीण विभाग शहर में आता है और शहेरी विभाग ग्रामीण में। नवसारी जिले में चिखली वलसाड में और आहवा विस्तार नवसारी जिले में आता है। यहां ऐसी भूल भुलैया इस कंपनी ने बनाया है कि बड़े बड़े जानकारों के समझ में आना मुश्किल हो चुका है। जब इस कंपनी के अधिकारियों को ही नहीं मालूम कि इस विस्तार को बिजली नवसारी जिले से आबंटित की जाती है कि इस अधिकारी को वलसाड के विस्तार में जाना है। 
नवसारी जिले में आज अक्सर  गाय एवम अन्य जानवरों के साथ नागरिकों की होती पाई जाती है।और यहां इसके लिए न कोई अधिकारी दिखाई देता है न ही अपने आप को सामाजिक न्याय एवं फर्ज के मसीहा बताने वाले किसी भी पक्ष के नेता दिखाई देते हैं। क्योंकि अभी तक होने वाली मौतों में कहीं राजनीतिक दलों को शायद फायदा नजर नहीं आता होगा। नवसारी जिले में दक्षिण गुजरात वीज कंपनी के लगभग सभी कार्यालयों में दिन दहाड़े नागरिकों के साथ लूटपाट हो रही है । और आज बिजली के वगर जीवन अधूरा हो चुका है। बस यही मजबूरी का फायदा आज यहां के सामान्य अधिकारी से लेकर सर्वोच्च तक जमकर उठा रहे हैं। और सरकार की यहां कोई जवाबदेही अभी तक सामने नहीं आ रही है। हालांकि देश की राजधानी में पहली बार ऐतिहासिक फैसले लिए गए जिससे आज पूरे देश की नजरें अवश्य है। 
    नवसारी जिले के एक विभागीय जूनियर इंजीनियर आज ग़रीबो को दिन दहाड़े लूट रहा है जिसकी शिकायत वलसाड तक की गई । परंतु यहां मामला उल्टा नजर आ रहा है । इस छिछोरे पर सरकार के सर्वोच्च अधिकारी कायदे कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के बजाय शायद चोरी की जगह डकैती डालकर बचने और बढ़ने का गुरु मंत्र दे दिया है। अक्सर यहां ऐसी कई बारदाते हो चुकी है। राष्ट्रपति महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस पर भारत के सर्वोच्च नेता श्री नरेन्द्र मोदी की सभा में भ्रष्टाचार साबित होने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई । और जांच अधिकारी को आज सर्वोच्च पद पर आसीन कर दिया गया है।
आज फिलहाल पूरा देश बिजली संकट से जूझ रहा है। जिसकी मुख्य वजह जानकारों की मानें तो एक इन्हीं के अधिकारी के रूप में डकैत ही हैं। बेरोजगारी आज चरम सीमा पर तैनात है। और बिना किसी जरुरत के यहां अधिकारी लाखो रुपए वेतन राजाशाही सुविधाएं और आम नागरिकों के साथ लूटपाट मचा रहे हैं। पऱतु विद्वानों के मत अध्यात्म के जानकारों की मानें तो तथाकथित डकैती में कुछ ऐसे प्रतिभा शील अधिकारी भी इस कंपनी में कार्यरत हैं जिनकी वजह से एक डकैत अधिकारी अभी भी दिल खोलकर नागरिकों को लूटने में बच निकलने में अक्सर कामयाब हो जाते हैं।

Wednesday, October 27, 2021

ઘુંટણની હર્બલ દવાઓ સીનિયર સિટિજનને વિના મુલ્યે ....અન્ય ને તદ્દન રાહત દરે 100% સટિસ્ફેકસન ગેરંટી સાથે મેળવો...



ઘુંટણની હર્બલ દવાઓ 
સીનિયર સિટિજનને વિના મુલ્યે 

અન્યોને તદ્દન રાહત દરે 100% સટિસ્ફેકસન ગેરંટી સાથે મેળવો

  નવસારી જિલ્લા માં લોકરક્ષક હેલ્થ કેયર અલકાપુરી સોસાયટી શિવાજી ચોક પાસે વિજલપોર નવસારી માં આર્થિક તંગી થી પસાર થતા બેસહારા, યતીમો ,અનાથ સાથે સીનિયર સિટિજન બુઝુર્ગોને ઘુંટણના દુઃખાવો મટાડવા માટે ભારતીય વૈદિક પ્રાચીન પદ્ધતિ થી શુદ્ધ વનસ્પતિઓ માં થી બનાવેલ દવાઓ ગુરુવારે સવારે 9:00 થી 12:00 સુધી વિના મુલ્યે આપવામાં આવશે. અન્ય ભાઈ-બહેનો માટે તદ્દન રાહત દરે 100% સટિસ્ફેકસન ગેરંટી સાથે દવા અને સારવાર કરવામાં આવશે. 
     આજની આર્થિક રીતે તંગીના સમયે સ્વદેશી આયુર્વેદ નૈસર્ગિક ઉપચાર પદ્ધતિ થી બનાવવા માં આવેલ દવાઓ કોઈ પણ આડ અસર વગર સાથે સારા માં સારૂ પરિણામ આપે છે.અને આપણા દેશમાં વનસ્પતિઓનો ભંડાર હોવાથી મોટા ભાગના દવાઓ આધુનિક પદ્ધતિની દવાઓ કરતા તદ્દન રાહત દરે મળી રહે છે.અને દેશ થી બહાર જતા નાણાંને અટકાવી બેરોજગાર યુવાનો માટે રોજગારીની તકો આપે છે. ખેડૂતો માટે અમૃત તુલ્ય સમાન છે. બેરોજગારી થી પીડાતા બહેનોને વિના મુલ્યે માર્ગદર્શન આપવામાં આવશે. જેથી રોજગારી સાથે સ્વદેશી ઉપચાર પદ્ધતિ થી પીડાતા દરેકે દરેક ને સારવાર આપી શકાય છે. આપ સૌને સદર બાબતે જરૂરતમંદ દર્દીઓ સુધી સમાચાર પહોંચાડવા દર્દીઓ ને લોકરક્ષક હેલ્થ કેયર નવસારી સુધી પહોંચાડવામાં   સાથે સદર અભિયાન માં સહભાગી થવા વિનંતી..

વધુ માહિતી માટે સંપર્ક 
કરવા વિનંતી

લોકરક્ષક હેલ્થ કેયર
 અલકાપુરી સોસાયટી 
શિવાજી ચોક પાસે, 
વિજલપોર,- નવસારી (ગુજરાત)
ડો.આર.આર.મિશ્રા
મો. 9898630756
9227850786
નોઘ- સમય મેળવી  રિપોર્ટ સાથે પધારવા વિનંતી..


Saturday, October 23, 2021

गुजरात राज्य के नवसारी जिले में नया कदम............! अधिकारी अपनी जांच खुद करें....! गुनाह साबित होने पर सजा भी स्वयं ले ....!









 गुजरात राज्य के नवसारी जिले में नया कदम...!
 अधिकारी अपनी जांच खुद करें गुनाह साबित होने पर सजा भी स्वयं ले ....!

                  गुजरात राज्य आज पूरे विश्व में सबसे अधिक समृद्ध विकसित पारदर्शी के रूप में प्रख्यात है। वैसे यदि जमीनी हकीकत में देखा जाय तो यह सभी राज्य देश जिला सिर्फ और सिर्फ एक समूह को दर्शाता है। और समूह भीड़ का फायदा आज सभी बन पड़े उतना जरूर उठाने की कोशिश करते हैं। और आम नागरिकों को भी यही अक्सर पसंद देखा जा सकता है। और कायदे-कानून की धज्जियां अक्सर समूह में उठाने का अवसर मिल भी जाता है। ठीक इसी तर्ज पर आज गुजरात के सभी जिलों का देखा जा सकता है। भ्रष्टाचार चरमसीमा पर राज करने की वजह भी ऐसी परिस्थिति में ही शुरुआत होती है। जानकारों की मानें तो तथाकथित शासन प्रशासन के कुछ सर्वोच्च अधिकारियों और नेताओं की वजह से भ्रष्टाचार आज बढ़ रहा है। मंहगाई बेरोजगारी जैसे शब्दों की जन्मस्थली भ्रष्टाचार ही है। 
   
         नवसारी जिले में मिली जानकारी के अनुसार  सामान्य से लेकर लगभग सभी बहु मंजिला इमारतें अवैध पाई गई। यह सिलसिला आज वर्षों से अपने एक ही गति से चल रहा है। परंतु मुश्किल तब से खड़ी हो गई जब से नवसारी जिले में अब नव नियुक्त सर्वोच्च अधिकारी ईमानदार आ गये। अभी तक ईमानदारी के नाम पर कायदे-कानून के नाम पर बिल्डरों को दिल खोलकर ठगा गया। अब सभी को आहिस्ता आहिस्ता पता चल रहा है कि अभी तक आरती यज्ञ हवन पूजा अर्चना अंधेरे में जिसकी हो रही थी उजाला आते ही सब गड़बड़ हो चुका है। और विद्वानों के अनुसार यदि जल्द ही इसे कंट्रोल न किया गया फिर मुश्किल बढ़ सकती है। और दिलचस्प बात यह है कि अब हालत बिगड़ती जा रही है। नवसारी जिले में नवसारी विजलपोर नगरपालिका के अधिकारियों नेताओं की पोल जैसे जैसे बाहर आ रही है वैसे-वैसे अब कहा भी न जाये रहा भी न जाये सहा भी न जाये जैसी हालत देखी जा सकती है। और इनका साथ यहां के कर्मचारियों को भी निभाते हुए जमकर देखा जा सकता है। जिसे उपरोक्त छबि में भी देख सकते हैं। अभी अभी सिर्फ 12 वर्ष बनाई एक भव्य इमारत रंग रोशन से भरपूर खोखली निकली। जिसकी जांच नवसारी जिले के समाहर्ता से करवाने को एक पत्र द्वारा लिखित में दिया गया।  सरकार के नियमानुसार किसी भी अधिकारी अथवा भ्रष्टाचार की जांच कम से कम एक दर्जा ऊपर के अधिकारी ही कर सकते हैं। परंतु यहां आरक्षण सेटिंग डोंट कोम से नियुक्त अधिकारियों को ऐसे कायदे-कानून से कुछ लेना-देना दूर तक नहीं पाया जा सकता। नवसारी जिले में जिस विभाग अथवा अधिकारी की करवानी हो यहां नवसारी जिले में अक्सर उसी अधिकारी के पास करवाई जाती है। और बड़ी दिलचस्प बात यह है कि गुजरात राज्य के सतर्कता आयोग विजिलेंस कमिश्नर श्री के कार्यालय भी कुछ इसी तर्ज पर जांच की कार्रवाई करते देखा जा सकता है। ठीक इसी तरह नवसारी जिले में एक अवैध निर्माण में जांच प्रक्रिया हो रही है। किसी भी निर्माण को अवैध निर्माण करार करने से पहले उस बिल्डिंग की शुरूवात से अंत तक जांच करने वाले अधिकारियों की भूमिका से शुरूवात करनी चाहिए। यदि इसके पहले किसी भी भवन अथवा बहुमंजिला इमारतों के निर्माता पर कार्रवाई की जाती है फिर यह कुदरती सिद्धांत के विरुद्ध असंवैधानिक  है। क्योंकि सरकार के नियमों की मानें तो निर्माण के नियम इतने सख्त है कि इमारत बनाना अलग एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती है। फिर अभी नवी नवेली बिल्डिंग अचानक खोखली और कमजोर कैसे हो सकती है?आज कई इमारतें सौ वर्ष पुरानी होने के बावजूद भी ऐसी लगती है कि अभी अभी बनाई गई है। और यहां सिर्फ और सिर्फ दस से बारह वर्ष में कमजोर होना जरूर सभी की साज़िश का नतीजा है। 
 
               नवसारी जिले के समाहर्ता के साथ सभी संबंधित अधिकारी जब इस समाचार को पढ़ रहे होंगे फिर एक बार जरूर कायदे-कानून से पुनः जांच करवाने का हुकम करेंगे। वैसे आज सभी की नजरें इस समाचार पर जरूर खड़ी हुई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कायदे-कानून की मुताबिक कार्रवाई होगी अथवा आहुति ...
 
 

गुजरात राज्य के नवसारी जिले में नया कदम..! अधिकारी अपनी जांच खुद करेंगे ..!गुनाह साबित होने पर सजा भी स्वयं ले ....!




. गुजरात राज्य के नवसारी जिले में नया कदम अधिकारी अपनी जांच खुद करेंगे...!
 गुनाह साबित होने पर सजा भी स्वयं ले ....!

       गुजरात राज्य आज पूरे विश्व में सबसे अधिक समृद्ध विकसित पारदर्शी के रूप में प्रख्यात है। वैसे यदि जमीनी हकीकत में देखा जाय तो यह सभी राज्य देश जिला सिर्फ और सिर्फ एक समूह को दर्शाता है। और समूह भीड़ का फायदा आज सभी बन पड़े उतना जरूर उठाने की कोशिश करते हैं। और आम नागरिकों को भी यही अक्सर पसंद देखा जा सकता है। और कायदे-कानून की धज्जियां अक्सर समूह में उठाने का अवसर मिल भी जाता है। ठीक इसी तर्ज पर आज गुजरात के सभी जिलों का देखा जा सकता है। भ्रष्टाचार चरमसीमा पर राज करने की वजह भी ऐसी परिस्थिति में ही शुरुआत होती है। जानकारों की मानें तो तथाकथित शासन प्रशासन के कुछ सर्वोच्च अधिकारियों और नेताओं की वजह से भ्रष्टाचार आज बढ़ रहा है। मंहगाई बेरोजगारी जैसे शब्दों की जन्मस्थली भ्रष्टाचार ही है। नवसारी जिले में मिली जानकारी के अनुसार सामान्य से लेकर लगभग सभी बहु मंजिला इमारतें अवैध पाई गई। यह सिलसिला आज वर्षों से अपने एक ही गति से चल रहा है। परंतु मुश्किल तब से खड़ी हो गई जब से नवसारी जिले में अब नवनियुक्त सर्वोच्च अधिकारी ईमानदार आ चुके हैं। अभी तक ईमानदारी के नाम पर कायदे-कानून के नाम पर बिल्डरों को दिल खोलकर ठगा गया। अब सभी को आहिस्ता आहिस्ता पता चल रहा है कि अभी तक आरती यज्ञ हवन पूजा अर्चना अंधेरे में जिसकी हो रही थी. उजाला आते ही सब गड़बड़ हो चुका है। और विद्वानों के अनुसार यदि जल्द ही इसे कंट्रोल न किया गया फिर मुश्किल बढ़ सकती है। और दिलचस्प बात यह है कि अब हालत बिगड़ती जा रही है। नवसारी जिले में नवसारी विजलपोर नगरपालिका के अधिकारियों नेताओं की पोल जैसे जैसे बाहर आ रही है वैसे-वैसे अब कहा भी न जाये रहा भी न जाये सहा भी न जाये जैसी हालत देखी जा सकती है। और इनका साथ यहां के कर्मचारियों को भी निभाते हुए जमकर देखा जा सकता है। जिसे उपरोक्त छबि में भी देख सकते हैं।
नवसारी नगरपालिका में अवैध बिल्डिंग की जांच कलेक्टर श्री नवसारी कार्यालय नवसारी नगरपालिका के चीफ ओफीसर  को करने का हुक्म किया जबकि सरकार के नियम के मुताबिक इसमें भ्रष्टाचार हुआ है । कलेक्टर श्री नवसारी जिले के कलेक्टर श्री की भूमिका के साथ भ्रष्टाचार अधिनियम में जिला कमेटी के चेर मेन भी है। चीफ ओफीसर वर्ग एक में होने के नाते इनकी जांच अधिक कलेक्टर अथवा कलेक्टर श्री स्वयं जांच अधिकारी ही है। और सरकार द्वारा विशेष सत्ता सिर्फ और सिर्फ कलेक्टर श्री को ही  प्राप्त होती है। आज की इस बिगड़ती हालात में जब हर जगह कायदे-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है। आम नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ खेला जा रहा है। सिर्फ आकारणी कर अवैध फ्लेट सभी धड़ल्ले से बेचें जा रहे हैं । और यदि कभी भी आज जैसे दस बारह वर्षों में बिल्डीगो की बीम कमजोर होने के नाते कायदे सर उसमें रहने वाले नागरिक बेघर हो गए । ठीक इसी तर्ज पर यदि यह सिलसिला जारी रहा फिर धीरे-धीरे यह इतना अधिक व्यापक रूप ले लेगा कि आम नागरिकों का विश्वास जो आज सभी कलेक्टर श्री से रखते हैं कोर्ट से रखते हैं शायद कुदरत से भी रखना बंद कर दें। और ऐसी बारदातो को यदि हल्के में लिया गया अथवा जाति मजहबी रुप देने की कोशिश भी की गई फिर इंसानियत मर जायेगी । इसे तत्काल रोकना आज जरुरी हो चुका है।
 नवसारी नगरपालिका के अनुभवी ईमानदार लाखों रुपए वेतनधारी के साथ राजाशाही सुविधाओं से लशालश अधिकारियों की देख देख में अभी अभी सिर्फ 12 वर्ष पहले बनाई एक भव्य इमारत रंग रोशन से भरपूर खोखली निकली। जिसकी जांच नवसारी जिले के समाहर्ता से करवाने को एक पत्र द्वारा लिखित में दिया गया। सरकार के नियमानुसार किसी भी अधिकारी अथवा भ्रष्टाचार की जांच कम से कम एक दर्जा ऊपर के अधिकारी ही कर सकते हैं। परंतु यहां आरक्षण सेटिंग डोंट कोम से नियुक्त अधिकारियों को ऐसे कायदे-कानून से कुछ लेना-देना दूर तक नहीं पाया जा सकता। नवसारी जिले में जिस विभाग अथवा अधिकारी की करवानी हो यहां नवसारी जिले में अक्सर उसी अधिकारी के पास करवाई जाती है। और इसी तर्ज पर कलेक्टर कचेेहरी द्वारा नवसारी नगरपालिका के चीफ ओफीसर जिनके ऊपर आज आकारणी कोभांड में करोड़ों रुपए का चूना लगाने के आरोप साबित हो चुके हैं। नवसारी विजलपोर नगरपालिका के चीफ ओफीसर श्री आज दूसरी बार नवसारी नगरपालिका में लाये गये है।  विजलपोर नगरपालिका के आदिवासी दलित वंचित शोषित पिछड़े वर्ग के मजदूरों कर्मचारियों को सातवा वेतन सरकार के हुक्म के बावजूद भी न दिलवाने सही न करने का रहस्य सीधा साफ इनकी भव्य ईमानदारी को दर्शाता है। CC BUC FIRE NOC वगैरह में सरकार के हुक्म के बावजूद भी नोटिस जारी न करना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना इनका परम पूज्य कर्तव्य दर रोज देखा जा सकता है। ऐसे करप्शन से भरपूर अधिकारियों के साथ कलेक्टर श्री नवसारी के साथ गुजरात सरकार यदि जांच अथवा किसी अच्छे कामों की आशा रखते हैं शायद यह योग्य नहीं माना जायेगा। फिलहाल ऐसी हालत में नवसारी जिला कलेक्टर श्री की भूमिका प्रमुख मानी जाती है। इस पर सभी की नजरें जरूर रहेगी।

શહેરી વિસ્તારના કોઇપણ નાગરિક પ્રાથમિક સવલતોથી વંચિત ન રહે તે માટે રાજય સરકાર ચિંતત છે -સાંસદશ્રી સી.આર.પાટીલ



શહેરી વિસ્તારના કોઇપણ નાગરિક પ્રાથમિક સવલતોથી વંચિત ન રહે તે માટે રાજય સરકાર ચિંતત છે .
-સાંસદશ્રી સી.આર.પાટીલ 
રાજ્ય સરકાર પ્રજાની અપેક્ષાઓ પૂર્ણ કરવા હંમેશા તત્પર
-મંત્રીશ્રી નરેશભાઇ પટેલ 


બિલીમોરા નગરપાલિકા વિસ્તારમાં વિવિધ કાર્યક્રમોમાં ઉપસ્થિત રહેતા આદિજાતિ વિકાસ મંત્રીશ્રી નરેશભાઇ પટેલ 
   આજરોજ નવસારીના સાંસદશ્રી સી.આર.પાટીલ તથા આદિજાતિ વિકાસ મંત્રીશ્રી નરેશભાઇ પટેલની અધ્યક્ષતામાં બિલીમોરા નગરપાલિકા વિસ્તારમાં વિવિધ કાર્યક્રમો યોજાયા હતા.
 આ કાર્યક્રમમાં બિલીમોરા નગરપાલિકા દ્વારા સરકારની વિવિધ યોજનાઓ અંતર્ગત ૪૨૩ લાખના ખર્ચે વિવિધ પ્રકલ્પોનું લોકાર્પણ તથા ખાતમુર્હૂત કરવામાં આવ્યું હતુ. ગણદેવી તાલુકાના સરકારી યોજનાના લોાભાર્થીઓને કાર્ડ વિતરણ તેમજ બિલીમોરા કેળવણીમંડળ સંચાલીત બી.એઙકોલેજના હોલનું લોકાર્પણ કરવામાં આવ્યું હતું. 
આ પ્રસંગે નવસારીના સાંસદ તથા પ્રદેશ ભાજપ પ્રમુખશ્રી સી.આર.પાટીલે જણાવ્યું હતું કે શહેરી વિસ્તારનો કોઇપણ નાગરિકો પ્રાથમિક સવલતોથી વંચિત ન રહે તે માટે સરકાર ચિંતિત છે. સાંસદશ્રી પાટીલે છેવાડાના વિસ્તારમાં વિજળીની સુવિધા મળી રહે તેવું આયોજન તાત્કાલિક ધોરણે કરવા તેમજ હાલ નગરપાલિકા વિસ્તારમાં ચાલતા વિકાસકામો ગુણવત્તસભર અને સમય મર્યાદામાં પૂર્ણ થાય તે માટે પણ સબંધિતોને સુચના આપી હતી. 
આ અવસરે મંત્રીશ્રી નરેશભાઇ પટેલે જણાવ્યું હતું કે, ગુજરાતની પ્રજાની અપેક્ષાઓ પૂર્ણ કરવા રાજ્ય સરકાર સતત પ્રયત્નશીલ છે. રાજ્ય સરકાર દ્વારા અનેકવિધ લોકોપયોગી યોજનાઓ અમલી બનાવી છે, આ યોજનાઓના માધ્યમથી લોકોને સરકારી સેવાઓનો લાભ સરળતાથી મળી રહે તેવા પ્રયત્નો હાથ ધરવામાં આવી રહ્યા છે.
આ પ્રસંગે ધારાસભ્યશ્રી પિયુષભાઇ દેસાઇ, જિલ્લા ભાજપ પ્રમુખ શ્રી ભુરાભાઇ શાહ, બિલીમોરા નગરપાલિકા પ્રમુખ શ્રીમતિ વિપુલાબેન મિસ્ત્રી તેમજ પદાધિકારીઓ તથા નગરજનો મોટીસંખ્યામાં ઉપસ્થિત રહ્યા હતા




 નવસારી શહેરના રામજીમંદિર ખાતે જિલ્લા કાનુની સેવા સત્તા મંડળ અને જિલ્લા વહીવટી તંત્રનાં સયુક્ત ઉપક્રમે મેગા લીગલ સર્વીસીસ કેમ્પ યોજાયો 

 નવસારી શહેરના રામજીમંદિર ખાતે જિલ્લા કાનુની સેવા સત્તા મંડળ અને જિલ્લા વહીવટી તંત્રનાં સયુક્ત ઉપક્રમે મેગા લીગલ સર્વીસીસ કેમ્પ યોજાયો હતો. આ કેમ્પમાં લીગલ સર્વીસીસ ઉપરાંત જિલ્લા વહીવટી તંત્રના વિવિધ વિભાગોની સેવાઓનો લાભાર્થીઓને તત્કાલ સ્થળ પર જ લાભ અપાયો હતો. કેમ્પમાં ડિસ્ટ્રીક્ટ લીગલ સર્વીસ ઓથોરિટીના ચેરમેન અને પ્રિન્સીપાલ ડીસ્ટ્રીક્ટ એન્ડ સેશન્સ જજ શ્રી બી.એન.મકવાણા સહિતનાં ન્યાયતંત્રના મહાનુભાવોએ લાભાર્થીઓને સીધા જ મંજૂરી પત્ર આપીને કેમ્પનો આરંભ કર્યો હતો. 
 આ મેગા સર્વીસીસ કેમ્પમાં લીગલ સર્વીસીસ ઉપરાંત વહીવટીતંત્રના આરોગ્ય, મહેસુલ, સમાજ કલ્યાણ, પશુપાલન સહિતના વિવિધ વિભાગોના સ્ટોર લગાવવામાં આવ્યા હતા. જેનો નવસારીના નાગરિકોએ મોટી સંખ્યામાં લાભ લીધો હતો. અહીં એક જ સ્થળેથી રાશનકાર્ડ, આયુષ્યમાન કાર્ડ, હેલ્થ કેમ્પ, કોવીડ રસીકરણ કેમ્પ સહિત વિવિધ વિભાગોની યોજનાઓનો લાભ સુવિધાઓ નાગરિકોને ઉપલબ્ધ કરાવવામાં આવી હતી. આ ઉપરાંત નાગરિકોને વિવિધ વિભાગોની યોજનાઓની માહિતી પણ કર્મયોગીઓ દ્વારા ઉપલબ્ધ કરાઇ હતી.
 આ મેગા કેમ્પમાં કોવીડ ગાઇડલાઇનનું પાલન કરવામાં આવ્યું હતું. લાભાર્થી નાગરિકોને તબક્કાવાર પ્રવેશ આપીને કેમ્પ ખાતે નિયત સંખ્યા રાખવામાં આવી હતી. આ ઉપરાંત સામાજિક અંતર, માસ્ક તેમજ સેનિટાઇઝર જેવી બાબતોનું પણ ચુસ્ત પાલન કરવામાં આવ્યું હતું. 
 આ અવસરે અધિક જિલ્લા ન્યાયધીશ કુ.એસ.વી.વ્યાસ, તાલુકા કાનુની સેવા સમિતિના ચેરમેનશ્રી એમ.એમ.શેખ, ફુલ ટાઇમ સેક્રેટરી અને સિવિલ જજ, જિલ્લા કાનુની સેવા સત્તામંડળ શ્રી એમ.ડી.પરમાર, નાયબ પોલીસ અધિક્ષક શ્રી બી.એસ.મોરી, નાયબ કલેકટર શ્રી પ્રિતીબેન ઠકકર સહિતના અધિકારીશ્રીઓ, તેમજ ન્યાયતંત્રના કર્મચારી/અધિકારીગણ ઉપસ્થિત રહ્યાં હતા.


 

Sunday, October 17, 2021

नवसारी जिला पंचायत के ग्राम पंचायतों में भवन निर्माण बहु मंजिला इमारतें राम भरोसे...! जिला पंचायत में लघुत्तम मासिक वेतन १९४८ आज ७३ वर्षो के बाद भी हवा हवाई .....! नवसारी जिला पंचायत कार्यालय में वर्षो से आरटीआई, आरसीपीएस , सेवा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कानून अभी भी फाईलो में कैद ...!

नवसारी जिला पंचायत में बहुमंजिला इमारतें राम भरोसे ....!
ग्राम पंचायतों में भवन निर्माताओ के जमकर मचा रहे उत्पात भ्रष्टाचार के लिए जवाबदार अधिकारी कौन बना एक रहस्य ...!

अधिकारियों के गैरकानूनी एरकंडीशन छोड़कर न जाना आज सरकार के लिए पड़ रहा है भारी...
आज गुजरात राज्य की रचना सातवें दशक और नवसारी जिला तीसरे दसक में प्रवेश कर चुका है।इसी क्रम में संविधान के कायदे कानून का पालन नवसारी जिले में करना करवाना आज एक जुमला साबित हो रहा है। गुजरात सरकार में शासन प्रशासन के ऊपर भारी दबाव अपने आप में बहुत कुछ उजागर करता है। आज सरकार का दो दशकों से एक क्षत्र राज होने के बावजूद दर रोज अधिकारियों को कायदे-कानून की अनभिज्ञता और भ्रष्टाचार से मुक्ति की सूचना देने से साफ जाहिर होता है कि यहां आज भी भ्रष्टाचार का राज चल रहा है इसकी पूरी जानकारी शासन में भरपूर है। और यह जल्द मिटाना मुश्किल है। शासन की अनभिज्ञता का आज प्रशासनिक अधिकारी भरपूर लेते दिखाई दे रहे हैं। आज वर्षों से लगभग सभी विभागों में कायदे-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है। हालत यहां तक बिगड़ चुकी है कि अब अधिकारी कायदे-कानून का मतलब भी अब अपने फायदे के मुताबिक निकाल रहे हैं।
       नवसारी जिला पंचायत जिसमें करीबन 80% नागरिकों की संपूर्ण जवाबदेही तय है। और आज लगभग सबसे बड़े भाग पर चंद अधिकारियों ने अपना कब्जा जमा लिया है। आज सरकार की बहुत सारी योजनाओं से गावो में विकास कार्य तेजी से हो रहा है। जिसमें बहु मंजिला इमारतों के निर्माण में दिन दहाड़े भ्रष्टाचार हो रहा है। और नवसारी जिला पंचायत में भवन निर्माण के लिए अभी तक एक भी अधिकारी जवाबदार नहीं है। ग्राम पंचायत में तलाटी और सरपंच को सरकार ने बिना किसी नियम के इतनी सारी सत्ता दे दिया है । जिसका यहां बयान करना मुश्किल हो चुका है। भवन निर्माण में रूबरू जांच से पता चला है कि यहां किसी की जवाबदेही तय नहीं है। सब राम भरोसे ही चल रहा है। ग्राम पंचायतों में तलाठी के पास निर्माण कार्य की जांच के लिए कोई जानकारी नहीं होती और सरपंच के पास इससे कोई मतलब नहीं होता। तालुका विकास अधिकारियों की हालत इंजीनियर की जानकारी की आवश्यकता नहीं है। जिला विकास अधिकारी की हालत भी कुछ इसी तरह होती है। हालांकि सभी तालुका में एक एक इंजीनियर को नियुक्ति सरकार ने कर रखा है। परंतु रूबरू मुलाकात से पता चला कि ऐसी किसी भी प्रकार की सत्ता उन्हें दिया ही नहीं है कि उसे जाच पड़ताल करना अलग उसे देखना भी गुनाह है। उन्हें ज्यादातर सिर्फ और सिर्फ रोड बनाने देख देख करना ही होता है। और छोटे छोटे रोड में इन सबकी एक अच्छी संतुलित आवक हो जाती है। ऐसी ही हालत आज मार्ग और मकान पंचायत की है। अब यह एक रहस्य है कि ग्राम पंचायतों में बन रहे मकानों बहु मंजिला इमारतों को किसकी देख देख में बनाया जाता है।


Thursday, October 14, 2021

डायाबीटीस के मरीजो के लिये रामबाण औषधि विजय सार का ग्लास ....! दवा के साथ भी दवा के बाद भी ...! एक बार जरूर पढे ....







डायाबीटीस के मरीजो के लिये रामबाण औषधि विजय सार का ग्लास ....! दवा के साथ भी दवा के बाद भी ...!
 एक बार जरूर पढे ....

विजयसार का परिचय

यह प्रायद्वीपीय भारत में लगभग 1400 मी तक की ऊँचाई पर गुजरात से बिहार, अण्डमान द्वीप समूह, दक्षिणी पर्णपाती सदाहरित पहाड़ी वनों से श्रीलंका तक पाया जाता है। चरकसंहिता सूत्रस्थान में दन्तधावन के रूप में असन का उपयोग हितकर कहा गया है। सार-आसव की सूची में विजयसार की गणना की गई है। इन्द्राsक्त रसायन, कुष्ठरोग के अन्तर्गत महाखदिर घृत, खालित्य रोग में महानील तैल और ऊरुस्तम्भ में श्योनाकादि प्रलेप में असन का प्रयोग मिलता है। त्वक् का प्रयोग शिरोविरेचन रूप में किया गया है।

सुश्रुत में बीजक को कफपित्तहर मानकर कुष्ठरोग में बहुलता से इसका प्रयोग किया गया है। रक्तपित्त में इसके पुष्प का प्रयोग बताया गया है। दूषित जल की शुद्धि के लिए असन का प्रयोग बताया है। वाग्भट ने गुदकुट्टक नामक बालरोग में बीजक-त्वचा का लेप एवं भगन्दर-प्रतिषेध में त्रिफला के साथ असन का प्रयोग बतलाया है। बीजक के निर्यास का हीरादक्खन (खूनखराबा) रूप में उपयोग करते हैं। प्राचीन काल में बीजक की लकड़ी से बने पात्रों में अंजन रखने का विधान किया गया है।

इसकी छाल में आघात या क्षत करने से गहरे लाल रंग का गोंद निकलता है, जो सूखकर काला तथा कठोर हो जाता है। इसको उबालकर एवं सुखाकर प्रयोग किया जाता है। यह गाढ़े लाल रंग के चमकीले टुकड़ों में होता है, जो माणिक के समान लाल रंग का दिखाई देता है। इसको तोड़ने से भूरे रंग का चूरा निकलता है तथा चबाने से यह दांतों में चिपक जाता है। इसके पुष्प सुगन्धित, पीत वर्ण के होते हैं। इस लेख में हम आपको विजयसार के फायदों (vijaysar benefits in hindi) के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.|


आयुर्वेदीय गुण-कर्म एवं प्रभाव

  • विजयसार तिक्त, कटु, कषाय, उष्ण, लघु, रूक्ष तथा कफपित्तशामक होता है।
  • यह त्वचा के लिए हितकर, केश्य, रसायन, सारक, पाचन, दंत धावन में हितकर तथा कुष्ठघ्न होता है।
  • यह कुष्ठ, विसर्प, श्वित्र, प्रमेह, ज्वर, कृमिरोग, मेद, रक्तमण्डल तथा कंठरोग नाशक होता है।
  • इसके पुष्प तिक्त, मधुर, पाचन तथा वातकारक होते हैं।
  • इसकी त्वक् एवं अंतकाष्ठ स्तम्भक, मूत्रल, शीतल, घुलनशील (Resolvent), शोथघ्न, विशोधक, मूत्रस्तम्भक, रक्तस्तम्भक, कृमिघ्न, कोष्ठबद्धताकारक, वेदनाशामक, परिवर्तक तथा रसायन होती है।
  • इसका निर्यास स्दंक, शीतल, व्रणरोपक, ज्वरघ्न, कृमिघ्न, यकृत् बलवर्धक, स्भंक तथा उद्वेष्टरोधी उद्वेष्टजन्य उदरशूल, पित्त प्रकोप, दन्तशूल, विचर्चिका, व्रण, जीर्ण व्रण, कृमि, शुक्रमेह, सविरामी ज्वर, यकृत्रोग, नेत्राभिष्यंद, श्वेतप्रदर तथा रक्तप्रदर में लाभप्रद होता है।
  • इस पौधे में व्रणरोपण क्रिया होती है। काण्डत्वक् में यकृक्षतिरोधक क्रिया पाई जाती है।

विजय सार के फायदे

  1. नेत्र बलवर्धनार्थ-समभाग तिल तैल तथा विभीतक तैल में चार गुना भृङ्गराज स्वरस तथा विजयसार का क्वाथ मिलाकर लोहे के पात्र में तैल पाककर, ठंडा करके (1-2 बूंद) नस्य लेने से नेत्रों का बल बढ़ता है।
  2. दन्तशूल-विजयसार की छाल को पीसकर दांतों पर मलने से दन्तशूल (दांत दर्द) का शमन होता है।
  3. पीलिया में लाभदायक है विजयसार (Vijaysar benefits for Jaundice in Hindi) –10-20 मिली बीजकसारारिष्ट के सेवन से रक्ताल्पता, (पीलिया) कामला, प्रमेह, हृद्रोग, वातरक्त (गठिया), विषमज्वर (मलेरिया), अरोचक, कास (खांसी) और श्वास (दमा) में लाभ होता है।
  4. मधुमेह में फायदेमंद है विजयसार (Vijaysar benefits in Diabetes in Hindi) –विजयसार के काष्ठ से प्राप्त शीत जलीय सत्त् का प्रयोग मुधमेह की चिकित्सा में किया जाता है।
  5. 15-20 मिली विजयसार त्वक् क्वाथ का सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।
  6. उपदंश-परवल, नीम, त्रिफला अथवा चिरायता के क्वाथ में खदिर सार, विजय सार तथा गुग्गुलु मिलाकर पीने से उपदंश में लाभ होता है।
  7. नष्टार्तव (मासिक धर्म का न आना)-ज्योतिष्मती पत्र, सज्जीक्षार, वचा तथा विजयसार को दूध से पीसकर तीन दिन तक पीने से रुका हुआ आर्तव स्रवित होने लगता है।
  8. श्वेतप्रदर (सफेद पानी)-विजयसार की काण्डत्वक् से प्राप्त गोंद में प्रबल स्तम्भक गुण होने से, श्वेत प्रदर (सफेद पानी) में स्थानिक प्रयोग किया जाता है।
  9. उपदंश-खदिर एवं असन का क्वाथ बनाकर आभ्यन्तर प्रयोग करने से एवं इनके कल्क को गुग्गुलु या त्रिफला के साथ मिलाकर स्थानिक प्रयोग से सभी प्रकार के उपदंश का शमन होता है।
  10. फाइलेरिया या हाथी पांव में लाभदायक (Vijaysar Benefits for Filariasis in hindi) –प्रतिदिन प्रात काल खदिर, बीजक तथा शाल कल्क में गोमूत्र तथा मधु मिलाकर पीने से श्लीपद (हाथी पांव) का शीघ्र शमन होता है।
  11. विजयसार पत्र कल्क को लगाने से घाव जल्दी भरता है व रोमकूपशोथ में लाभ होता है।
  12. श्वित्र (सफेद दाग)-लोहे के पात्र में तैल से भूने हुए भृंगराज के पत्तों का शाक खाकर विजयसार क्वाथ के साथ दूध अथवा विजयसार का क्षीरपाक पीना श्वित्र रोग में पथ्य है।
  13. कुष्ठ (कोढ़)-बीजक की अन्तकाष्ठ को पीसकर लगाने से कुष्ठ (कोढ़) में लाभ होता है।
  14. दद्रु (दाद)-विजयसार के काण्ड के काष्ठीय भाग को पीसकर दद्रु प्रभावित स्थान पर लेप करने से लाभ होता है।
  15. विजयसार त्वक् तथा पत्र कल्क को लगाने से कण्डू, पामा, श्वित्र व कुष्ठ का शमन होता है।
  16. स्थौल्य (मोटापा)-विजयसार के  15-30 मिली क्वाथ में मधु मिलाकर प्रतिदिन प्रातकाल सेवन करने से स्थौल्यता (मोटापा) का शमन होता है।
  17. बुखार से आराम दिलाता है विजयसार चूर्ण (Vijaysar benefits in fever in hindi) : 1-2 ग्राम विजयसार पुष्प चूर्ण में शहद मिलाकर खाने से ज्वर का शमन होता है।
  18. रसायनार्थ-प्रतिदिन प्रात काल विजयसार के 2-4 ग्राम कल्क को दूध में घोलकर पीने से अथवा 1-2 ग्राम चूर्ण में मधु , घृत मिलाकर दूध के साथ एक वर्ष तक सेवन करने से रसायन गुणों की वृद्धि होती है।
  19. रसायन-एक वर्ष तक प्रतिदिन 1-2 ग्राम विजयसार के सारभाग को लोहे की कढ़ाई में लेप करके, रात्रिपर्यंत (रातभर) छोड़कर प्रात काल 200 मिली जल में घोलकर पीने से व्याधियों (रोगों) से मुक्ति रसायन गुणों तथा दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
  20. वाजीकरण-बीजक के 15-25 मिली क्वाथ में त्रिफला, शक्कर, शहद तथा घी मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से रसायन गुणों की प्राप्ति होती है।

प्रयोज्याङ्ग  :पुष्प, छाल, पत्र, अन्तकाष्ठ तथा गोंद।

मात्रा  :बीजकारिष्ट 10-20 मिली। त्वक् क्वाथ 15-20 मिली या चिकित्सक के परामर्शानुसार।

आज के समय में तो डायबिटीज (मधुमेह) होना बहुत ही आम बात है। डायबिटीज में लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर ज्यादा रहता है। रक्त में शर्करा का स्तर उच्च रहने के कारण बार-बार पेशाब आने, प्यास लगने और भूख में वृद्धि होना की समस्या होने लगती है।  डायबिटीज के कारण व्यक्ति का अग्न्याशय (Pancreas) पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो रोगी को अनेक तरह की बीमारियां होने की संभावना रहती है।

उत्पाद वर्णन

मधुमेह नियंत्रण के लिए 100% मूल विजयसर (भारतीय कीनो) विजयसर को भारतीय किनो ट्री या मालाबार कीनो ट्री के रूप में भी जाना जाता है। रक्त शर्करा के निदान, वजन नियंत्रण, जोड़ों के दर्द और भारतीय कीनो के माध्यम से उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला अत्यंत प्रामाणिक विजयसर वृक्ष प्राचीन काल से आया है, आयुर्वेद का विज्ञान, असाधारण और प्राकृतिक और शुद्धतम में बिना किसी दुष्प्रभाव के अपनी तरह का एक है। उपचार का रूप। प्राचीन काल में आयुर्वेद के आचार्यों ने मधुमेह के नियंत्रण और निदान के लिए विजयसर (भारतीय कीनो) के टुकड़ों का उपयोग किया था। लगभग ५०, सीसी पानी निकाला जाता है और एक दिन में ३ खुराक में दिया जाता है; यह स्वास्थ्य में सुधार करता है और स्वास्थ्य समस्याओं में भी सहायता प्राप्त करता है। अब, आधुनिक समय में, प्रक्रिया वही है, वही पानी दिया जाता है, लेकिन अब टुकड़े लेने और छानने की कोई आवश्यकता नहीं है, यह सरल और अधिक आसान है क्योंकि यह है जेट युग, विजयसर की लकड़ी द्वारा बनाया गया गिलास, पानी रात के लिए गिलास में भिगोया जाता है और सुबह रोगियों द्वारा लिया जा सकता है। विजयसर (इंडिया कीनो ट्री) द्वारा निर्मित हर्बल वुड ग्लास, यह आयुर्वेद के विज्ञान से शुद्धतम और प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होता है। विजयसर के पानी के तरल मिश्रण का उपयोग मधुमेह में जठरांत्र संबंधी मार्ग में ग्लूकोज के स्तर को कम करने के लिए किया जाता है और इंसुलिन और प्रो-इंसुलिन के स्तर में सुधार करने में मदद करता है। यह बीटा पुन: उत्पन्न बीटा सेल में उपयोगी है और हाइपोकोलेस्टेरेमिक को नियंत्रित और सुधारता है यानी यह उस स्थिति को नियंत्रित करता है जहां रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है

 

डायबिटीज के मरीज क्या खाएं

शुगर के मरीज को फल हो या दूसरे खाद्द पदार्थ हमेशा सोच समझकर खाना चाहिए। नहीं तो मधुमेह के मरीज का शुगर हाई हो जायेगा, जो जानलेवा साबित हो सकता है। डायबिटीज का पता चलते ही मरीज तुरंत शुगर की आयुर्वेदिक या एलोपैथी दवा का सेवन करना शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करने की बजाय उन्हें सबसे पहले अपने खानपान पर ध्यान देना चाहिए. चलिये जानते हैं कि मधुमेह के मरीजों को क्या खाना चाहिए :  

  • केले में भी कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। डायबिटीज के रोगी एक केला पूरा न खाकर एक बार में आधे केले का सेवन करें।
  • डायबिटीज के रोगी को प्रतिदिन एक या आधा सेब खाना चाहिए। सेब में प्रचुर मात्रा में एन्टीऑक्सिडेंट होते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है तथा पाचन क्रिया को अच्छा बनाता है।
  • अमरुद का फल डायबिटीज के रोगी के लिए बहुत फायदेमन्द है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी तथा अच्छी मात्रा में डायटरी फाइबर dietry fibre होता है। इसमें शर्करा अल्प मात्रा होती है।
  • नाशपती के फल में अच्छी मात्रा में विटामिन और डायटरी फाइबर होता है। यह डायबिटीज में सेवन करने योग्य फल है।
  • आड़ू (Peach) के फल में जरुरी पोषक तत्व होते है और इसमें अल्प मात्रा में शर्करा होती है, अत: इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए डायबिटीज के रोगी को इसका सेवन करना चाहिए।
  • जामुन का फल भी डायबिटीज के रोगी के लिए लाभदायक है। यह ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।

 अधिक जानकारी के लिये आज ही संपर्क करें

  • लोकरक्षक हेल्थ केयर नवसारी - 
  • विजलपोर नवसारी -  9898630756      9328014099 
  • 02637-280786 

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Wednesday, October 13, 2021

નવસારીના ધારાગીરી ગામે જિલ્લા કલેકટર શ્રી અમિત પ્રકાશ યાદવના અધ્યક્ષસ્થાને ખેડૂત ખાટલા સભા યોજાઇ ઃ

નવસારીના ધારાગીરી ગામે જિલ્લા કલેકટર શ્રી અમિત પ્રકાશ યાદવના
અધ્યક્ષસ્થાને ખેડૂત ખાટલા સભા યોજાઇ

                 નવસારી જિલ્લા વહીવટીતંત્ર આયોજીત ખેડૂત ખાટલા સભા નવસારીના ધારાગીરી પ્રાથમિક શાળા ખાતે જિલ્લા કલેકટર શ્રી અમિત પ્રકાશ યાદવના અધ્યક્ષસ્થાને યોજાઇ હતી. આ અવસરે જિલ્લા વિકાસ અધિકારી શ્રી અર્પિત સાગર ખાસ ઉપસ્થિત રહયાં હતાં.
ખેડૂત ખાટલામાં સભામાં ધારાગીરીના ગ્રામજનોએ નિખાલસપૂર્વક પડતી તકલીફ વિશે રજૂઆત કરી હતી. જેમાં વીજ કનેકશન કામગીરી તથા વીજ અનિયમિતતા, સિંચાઇની કેનાલ રીપેરીંગ તથા નિયમિત પાણી મળવા અંગે, ખાનગી જમીન પરથી વીજપોલ હટાવવા બાબતે તેમજ ગામમાં જર્જરીત વીજપોલ હટાવી નવા નાંખવા બાબત,ા તળાવની ફરતે પ્રોટેકશન વોલ બનાવવા, વારસાઇને લગતા પ્રશ્નો, રબારી સમાજના ઢોરો દ્વારા ઉભા પાકને નુકશાન તેમજ અન્ય ખેતીલક્ષી પ્રશ્નોની રજૂઆતો ખેડૂતો દ્વારા કરવામાં આવી હતી.


DGVCL નવસારી ના કાબિલે તારીફ કામગીરી વીજ થાંભલાઓ ઉપર વનસ્પતિઓ થી કરંટ 




જિલ્લા કલેકટરશ્રી અમિત પ્રકાશ યાદવે ખેડૂતોના પ્રશ્નો શાંતિપૂર્વક સાંભળ્યા હતાં. ત્યારબાદ કલેકટરશ્રીએ જે-તે વિભાગના અધિકારીઓને ખેડૂતોના પ્રશ્નોનો નિકાલ સમયમર્યાદામાં કરવા જણાવ્યું હતું. પર્યાવરણને લગતા તથા રખડતા પશુ પકડવા જેવા પ્રશ્નોનો થોડો સમય લાગશે પરંતુ ચોકકસપણે નિકાલ કરવામાં આવશે તેમ જણાવ્યું હતું. જિલ્લા વહીવટીતંત્ર ખેડૂતોના પ્રશ્નોના નિકાલ માટે પૂરતા પ્રયત્નો કરી, તબકકાવાર નિકાલ કરાશે તેમ જણાવ્યું હતું. 


આ પ્રસંગે જિલ્લા ગ્રામ વિકાસ એજન્સીના નિયામકશ્રી પી.કે.હડુલા, પ્રાંત અધિકારી શ્રી તુષાર જાની, સબંધિત વિભાગના અધિકારીઓ સહિત ગ્રામજનો ઉપસ્થિત રહયાં હતાં.

નવસારી જિલ્લા કલેકટર શ્રી નવસારી જિલ્લા માં ઠેર ઠેર દારૂ શરાબ નો અડ્ડોની જેમ ગેરકાયદેસર બાંધકામો માં સંબંધિત અધિકારીઓની જવાબદારી હોવાથી ફરજમાં બેદરકારી માટે કાયદાકીય કાર્યવાહી કરવા જરૂરી 
નવસારી જિલ્લામાં નગરપાલિકાઓ, નવસારી શહેરી વિકાસ સત્તા મંડળ સાથે ગ્રામ પંચાયતો દ્વારા કોઈ પણ પ્રકારની તપાસ વગર બાંધકામો થઈ રહ્યા છે.જે વર્તમાન કે ભવિષ્ય માટે ભયજનક છે. અને સંબંધિત અધિકારીઓ એક પણ બાંધકામ માં સરકાર શ્રી ના નિયમો મુજબ તપાસ કરતા નથી. અને રૂબરૂ મુલાકાત માં જાણવા મળ્યું છે કે એમાં ગ્રામ પંચાયત હોય કે શહેરી વિસ્તાર છેલ્લા કેટલાક સમયથી સામાન્ય હોય કે હાઈરાઇજ બિલ્ડિંગ નવસારી જિલ્લામાં પરવાનગી આપવા બાદ અધિકારીઓ કે ઈજનેરો તપાસ કરવા જતાં જ નથી. ફરિયાદ પછી ફક્ત એક નોટિસ આપી આરતી પૂજા પાઠ યજ્ઞ હવન કરાવી ભગવાન ભરોસે છોડી દે છે. માહિતી અધિકાર અધિનિયમ મુજબ માં ખાનગી ગણી માહિતી આપવામાં છટકબારી કરતા હોય છે. અને સ્વભંડોળ માટે આકારણી કરી મોટા કોભાંડ થી રહ્યો છે.અને સ્વભંડોળ માટે આકારણી કરવા હોવાથી એવી તમામ બહુમાળી બિલ્ડીંગ કાયદેસર થતી નથી.ભવિષ્ય માં એમાં ખૂન પસીના મહેનત મસકકત કરી ખરીદી કરી રહેતા નાગરિકોનો ભવિષ્ય ભયજનક છે. જેથી નવસારી જિલ્લા કલેકટર શ્રી પોતાને મળેલ સત્તા અને કુદરતી ન્યાયના સિદ્ધાંત મુજબ સંબંધિત અધિકારીઓની જવાબદારી આપી કાયદેસર કાર્યવાહી કરવા માટે હુકમ અને પોતાની કચેરી માં મંગાવી એની સમીક્ષા કરવા આજે અત્યંત જરૂરી છે. 


Sunday, October 10, 2021

નૈસર્ગિક ઉપચાર પદ્ધતિમાં માનસિક રોગો , વિદ્યાર્થીઓની યાદશક્તિ વધારવાથી લઈને વાળની સમસ્યા અને માથાના દુખાવા માટે અક્સીર માં અક્સીર સારવાર શિરોધારા પદ્ધતિ




નૈસર્ગિક ઉપચાર પદ્ધતિમાં માનસિક રોગો , વિદ્યાર્થીઓની યાદશક્તિ વધારવાથી લઈને વાળની સમસ્યા અને માથાના દુખાવા માટે અક્સીર માં અક્સીર સારવાર  શિરોધારા પદ્ધતિ

              શિરોધારા એક આયુર્વેદિક નૈસર્ગિક શાસ્ત્રોક્ત પદ્ધતિ છે જેમાં ઔષધીય સિદ્ધ કરેલ તેલ વડે માથા ઉપર એકધારુ તેલ રેડવામાં આવે છે. ટૂંકમાં તેલથી માથા ઉપર કરવામાં આવતી ધારા એટલે જ શિરોધારા.આવી જ રીતે ઔષધિથી સિદ્ધ કરેલ છાશ વડે માથા ઉપર કરવામાં આવતી ધારા એટલે તક્રધારા. 

આ બંને નૈસર્ગિગ  સારવાર વાળને પોષણ આપી વાળની સમસ્યાઓ દૂર કરે છે. વાળને કાયમ માટે સુંદર-સ્વસ્થ, તંદુરસ્ત અને તરોતાજા રાખવા માટે દર વર્ષે એક વખત આ બંને શિરોધારા અને તક્રધારા ટ્રીટમેન્ટ તબીબની દેખરેખ હેઠળ કરાવવી જ જોઈએ.


વાળની સમસ્યાઓ માં ઉપયોગી શિરોધારા
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શિરોધારા સારવાર રોગ હોય કે ન હોય દરેક સ્વસ્થ વ્યક્તિએ શિરોધારા પદ્ધતિ એક વખત કરાવવી જ જોઈએ. જેનાથી વાળનું સૌંદર્ય અકબંધ રહે છે.શિરોધારામાં ઔષધ સિદ્ધ તેલ ધારા રૂપે પડતું હોવાથી તેલ વાળના મૂળમાં જઈને રક્તવાહિનીઓને ઉત્તેજિત કરીને માથામાં રક્તનું પરિભ્રમણ સુધારે છે. જેથી વાળનું ઉચિત રક્ષણ અને પોષણ થવાથી ખરતા વાળ, ખોડો, અકાળે સફેદ થઈ ગયેલા વાળ, ઉંદરી, ટાલ પડવી, વાળ રૂક્ષ તથા બરછટ થઈ જવા વગેરે વાળનાં રોગો ઉદભવતા જ નથી.



માથાના દુ:ખાવા માં ઉપયોગી શિરોધારા:-

શિરોધારા સરવાર માથાના દુખાવાને પણ દૂર કરે છે. યાદશક્તિ વધારે છે. મગજને પોષણ આપી રકત્તનું પરિભ્રમણ સારી રીતે થવાથી ઘસઘસાટ ગાઢ નિંદ્રા આવી જાય છે. આમ અનિદ્રા, યાદશક્તિ ઓછી હોવી, જ્ઞાનતંતુની બીમારી, ભણવાનું થોડી જ વારમાં ભૂલાઈ જતું હોય તેવા વિદ્યાર્થીઓ માટે પણ શિરોધારા ખૂબ જ અક્સીર સાબિત થઈ છે.  આજે દોડધામ ભરી વ્યસ્ત જિંદગીમાં દરેક વ્યક્તિ સતત તાણ અનુભવતો હોય છે. માનસિક તનાવની સીધી અસર વાળ ઉપર થાય છે. હજુ તો યુવાનીમાં પદાર્પણ પણના થયું હોય ત્યાં સફેદ વાળ માથામાં પગદંડો જમાવી દે છે. આમાં પણ શિરોધારા એક અકસીર આશીર્વાદરૂપ ઇલાજ છે.


શિરોધારાના અન્ય ફાયદા

ખોડો- શિરોધારા ખોડા માટે પણ એક ઉત્તમ અને અકસીર ઇલાજ છે. ખોડો દૂર કરવા માટે કરંજબીજ તેલ, ધતુરપત્રાદિ તેલ વગેરે તેલથી માથા ઉપર શિરોધારા કરવાથી ખોડો જળમૂળમાંથી દૂર થાય છે. આયુર્વેદમાં ખોડાને કફજન્ય વ્યાધિ ગણવામાં આવે છે. ખોડો એટલે કે ડેન્ડ્રફ જેમાં એક જાતની સફેદ ફોતરી માથામાં લાગી જાય છે. ખૂબ જ ખંજવાળ આવે છે. અને માથામાં ઝીણી-ઝીણી સફેદ ફોતરી ખર્યા કરે છે.  આમાં શિરોધારા ઉત્તમ પરિણામ આપે છે.

અનિદ્રા:-

- શિરોધારા ટ્રીટમેન્ટ અનિદ્રાના રોગી માટે પણ ઉપકારક છે. શિરોધારામાં તેલની ધાર સતત માથા ઉપર થતી હોવાથી માથામાંથી ગરમી તેલ દ્વારા બહાર નીકળી જતી હોવાથી માથામાં એકદમ ઠંડક થઈ જાય છે. ઉપરાંત ધારા રૂપે તેલ પડતું હોવાથી રક્તનું પરિભ્રમણ સારી રીતે થઈ મૂળની અંદર તેલ પહોંચી માથાનું ઉચિત રક્ષણ અને પોષણ કરે છે. અને દર્દીને સરસ નિંદ્રા આવે છે.


યાદશક્તિમાં વૃદ્ધિ-

     શિરોધારા ટ્રીટમેન્ટ મગજને પોષણ આપીને યાદશક્તિ પણ વધારે છે. જ્ઞાનતંતુની બીમારીમાં, યાદશક્તિ ઓછી હોવી, ભણવાનું થોડીવારમાં ભૂલાઈ જતું હોય તેવા વિદ્યાર્થીઓ માટે પણ શિરોધારા એક અક્સીર ઇલાજ છે. શિરોધારા એક જાતનું પેસિવ મેડિટેશન છે કે જે મનને શાંતિ પ્રદાન કરે છે. જેના દ્વારા બુદ્ધિ વિકસતિ હોય છે, ધ્યાન કેન્દ્રિત થાય છે અને મનને આરામ મળે છે. એક રિલેક્સ થઈ જાય છે. આથી જ તો ડોક્ટર, વકીલ, ચાર્ટડ એકાઉન્ટન્ટ, પ્રોફેસર, વિદ્યાર્થીઓ તથા સતત પ્રવૃતિમય રહેતી ગૃહણીઓ માટે શિરોધારા આશીર્વાદરૂપ છે. આથી જ તો દરેકે દરેક માણસે પોતાના સ્વાસ્થ્યપૂર્ણ સૌંદર્યના રક્ષણ અને જતન માટે આયુર્વેદિક નૈસર્ગિક ઉપચાર કરનાર તબીબની સલાહ મુજબ શિરોધારા કરાવવી જ જોઈએ.


શિરોધારા માટે આજે જ સંપર્ક કરો 

લોકરક્ષક હેલ્થ કેર 

કરિશ્મા ચેરીટેબલ ટ્રસ્ટ 

અલકાપુરી સોસાયટી વિજલપોર નવસારી ગુજરાત 

મો. ૯૮૯૮૬૩૦૭૫૬  ૯૩૨૮૦૧૪૦૯૯

 


નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ફાતેમા એપાર્ટમેન્ટ માં સીસી બીયુસી આકારણી કરનાર અધિકારીઓ બહાર કેમ..?



નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ફાતેમા એપાર્ટમેન્ટ માં સીસી બીયુસી આકારણી કરનાર અધિકારીઓ બહાર કેમ..?

અમદાવાદ મ્યુનિસિપલ કોર્પોરેશન માં હાઈકોર્ટેના  જસ્ટિસના હુકમ ગેરકાયદેસર બિલ્ડીંગો ને એક અઠવાડિયા માં ડીમોલેશન કરવા હુકમ નવસારી જિલ્લામાં અમલ કરવો જરૂરી..

 ગેરકાયદેસર બાંધકામો માં સીસી બીયુસી વગર  આકારણી ન કરવા કલેકટર શ્રીનો હુકમ રદ્દ કરાવનાર અધિકારીઓ ઉપર ફરજમાં બેદરકારી, શરતભંગના કેસ ન કરનાર અધિકારીઓ હજુ સુધી બહાર..!

                                      નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ગેરકાયદેસર બાંધકામોનો રાફડો દારૂ શરાબ નો અડ્ડોની જેમ આજે ઠેર ઠેર ગરબો રમી રહ્યા છે. અને સંબંધિત તમામ અધિકારીઓ અને નેતાઓ સાથે સાથે આરતી પૂજા પાઠ યજ્ઞ હવન બિલ્ડરો પાસે કરાવી રહ્યા છે. સરકાર હજુ સુધી ભ્રષ્ટાચાર વિરુદ્ધ કાર્યવાહી કરવા માટે સર્વોચ્ચ મંત્રીશ્રીઓ બદલી કરી છે.પરંતુ એમાં કોઈ મોટો ફેરફાર થશે એ હજુ સુધી નજરે પડતો નથી. સરકાર માં જ ગેરકાયદેસર બાંધકામો કરનાર બિલ્ડરો સર્વોચ્ચ હોદ્દા ધરાવતા હોય ત્યારે એની સામે અધિકારીઓ કાયદેસર પગલા ભરી શકે નહીં. અધિકારીઓ કાયદેસર કરવા માટે સક્ષમ હોય છતા આજ સુધી કોઈ નક્કર કાર્યવાહી કરવા હિતાવહ નથી સમજતા એની પાછળનો રહસ્ય હવે દરેક ને સમજવો અઘરુ નથી. નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ગેરકાયદેસર બાંધકામો સામે ગુજરાત ટાઉન પ્લાનિંગ એક્ટ હેઠળ કાર્યવાહી કરવા હવે તદ્દન સહજ હોય કારણ કે ગુજરાત હાઇકોર્ટેનો ચુકાદો સ્પષ્ટ છે કે નોટિસ આપી ટુંક સમયમાં જ ડીમોલેશન કરવા જરૂરી છે.  સૂત્રોના હવાલે થી મળેલ માહિતી મુજબ નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ગેરકાયદેસર બાંધકામો સામે કાર્યવાહી કરવા માટે અહિંના મોટા ભાગના અધિકારીઓ આરતી પૂજા પાઠ યજ્ઞ હવન માં વધુ પ્રમાણમાં વિશ્વાસ કરતા હોય જેથી બલિ અનિવાર્ય હોવા છતાં પોતાની બદલીનો રાહ જોઈ રહ્યા છે. 


            નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં ફક્ત દસ વર્ષની નવી નવેલી આધુનિક પદ્ધતિ થી રંગ રોશન કરેલ બિલ્ડીંગનો પાયો માં ખામી સર્જાતા અધિકારીઓ અને નેતાઓનો પ્રેસર ડાઉન થયા હોય એવો સમાચાર આજે લોકચર્ચા માં વ્યાપ્ત છે. આજની આધુનિક પદ્ધતિ માં અધિકારીઓ અને નેતાઓની મિલીભગત વગર એક ઈંટ મુકવો શક્ય નથી.અને સરકાર શ્રીના નિયમ મુજબ જમીન માં બાંધકામ માટે ખોદકામ થી જ ટાઉન પ્લાનિંગ ઓફિસરની ટીમ , ઓર્કટેક ઇજનેર વગેરે દર રોજ તપાસ કરતા હોય છે. વહીવટી જવાબદાર ચીફ ઓફિસર શ્રી એના ઉપર નજર રાખવા માટે નિમણૂંક થયેલા છે. બિલ્ડીંગ માં થતો દરેક કામો માં પાયા થી લઈને આખિરી મંજિલની આખિરી ઈંટ સુધી ખાનગી હોય કે સરકારી , તમામ અધિકારીઓની નેજા હેઠળ કાર્યવાહી થતી હોય છે. પરંતુ જમીની હકીકત માં આજે તદ્દન નવી નવેલી રંગ રોશન થી સુસજ્જિત બહુમાળી બિલ્ડીંગનો પાયો જ તદ્દન ઉતરતી કક્ષાનો છે. અને માહિતી મુજબ સમાધાન કરી છે.પરંતુ ક્યા આધારે નાણાં અપાયા કે શું થયુ એ હજુ સુધી રહસ્ય છે. અને લોક ચર્ચા મુજબ નવસારી વિજલપોર નગરપાલિકામાં જ ઘણી બિલ્ડીંગ સદર બિલ્ડર અને ઓર્કટેક ઇજનેર શ્રી દ્વારા બનાવવામાં આવેલ છે. અને એ બધી મોટા ભાગે એજ પદ્ધતિ થી બનાવવા માં આવેલ છે. અને નાણાં આપી સમાધાન કે ન્યાય કોઇ પણ સંજોગોમાં કહી શકાય નહીં. જેથી નવસારી જિલ્લા કલેકટર શ્રી અને પ્રાદેશિક કમિશનર નગરપાલિકાઓ સુરત હવે સદર બાબતે ન્યાયિક કાર્યવાહી કરશે ખરા એના માટે રાહ જોવાઇ રહી છે.


नवसारी शहर में बंदर रोड की हालत गंभीर

नवसारी गुजरात राज्य की सबसे महत्वपूर्ण एवम ऐतिहासिक संस्कारी नगरी के रूप में मानी जाती है। परंतु कुछ वर्षों से इस पर कुछ असामाजिक तत्वों के ...