Wednesday, August 14, 2019

मानव जीवन में ध्यान का महत्व

मानव जीवन में ध्यान का महत्व 
सभी समस्याओं एवम बीमारीओ से दूर रहने के लिये एक मात्र ध्यान 

हमारे मन में अनेक प्रकार की ग्रंथिया होती है जिनमें सभी अंग क्रिया शील रूप से कार्य करते है। इसके साथ ही हमारे मन में कई कल्पनाएं और विचार भी चलते है। जो हमारे मन मस्तिष्क में कोलाहल मचाते है जिससे हमारा मन अशांत सा भटकता रहता है। लगातार सोच विचार से हमारे शरीर पर भी इसका बुरा असर देखने को मिलता है। हम कमजोर होते जाते है। जिसका असर त्वचा में भी काफी देखने को मिलता है। त्वचा मानव शरीर का सबसे बड़ा हिस्सा है। जिससे सभी अंग जुड़े होते है और त्वचा की चमक से ही हमारी सुंदरता भी प्रभावित होती है। ध्यान एक ऐसी प्राचीन भारतीय पद्धति है जिसका उपयोग काफी समय से होता आया है। जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नवउर्जा का संचार करता है। ध्यान हमारे रोजमर्रा की जिंदगी के लिये काफी आवश्यक होता है। ये तन और मन दोनों को क्रियाशील बनाता है।
भागती दौड़ती और चिंता से ग्रस्त जिंदगी में हमारे मस्तिष्क की क्षमता कमजोर होती जाती है जिसके कारण शरीर सहित आत्मविश्वास भी कमजोर हो जाता है। तेज रफ्तार से दौड़ती दुनिया में ज्यादातर लोग रफ्तार के दबाव से टूट जाते हैं और तनाव, चिंता, अवसाद आदि के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में ध्यान की शक्ति से मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाकर खुद को शक्तिशाली बनाए रखा जा सकता है। 
सावधानी : ध्‍यान की शक्ति को बढ़ाने के लिए शाकाहारी होना आवश्यक है। शाकाहार में भी मिर्च, मसाला, बेसन, खट्टे पदार्थ और यहां तक कि दूध और घी का प्रयोग भी वर्जित है। यह शाकाहार सिर्फ खाने-पीने में ही नहीं, पहनने, ओढ़ने में भी होना चाहिए। अर्थात ऊन, सिल्क, फर व चमड़े की बनी कोई वस्तु या वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए।
 
कैसे प्राप्त करें ध्यान की शक्ति :  
किसी भी सुखासन में बैठकर प्रतिदिन सुबह, शाम और रात सोते वक्त 15 मिनट का ध्यान करें। इसकी शुरुआत में मध्यम स्वर में तीन बार ॐ का उच्चारण करते हुए आंखें बंद कर लें। ध्यान के मध्य में श्वासों के आवगम को गहराएं। ध्यान के अंत में हाथों की हथेलियों से चेहरे को स्पर्श करते हुए आंखें खोल दें। फिर ध्यान के बाद 26 बार पलकें झपकाएं। अंत में ब्रह्म मुद्रा करने के बाद ध्यान का समापन करे दें।

विशेष : 40 दिनों तक ध्यान करते रहने के बाद ध्यान ‍की शक्ति का अहसास होना शुरू हो जाता है। व्यक्ति स्वयं को ऊर्जावान और हमेशा तरोताजा महसूस करता है। मस्तिष्क अच्छे तरीके से सक्रिय होकर सकारात्मक सोच का निर्माण करता है। ध्यान की शक्ति को सम्भालना जरूरी है अन्यथा कई लोग नियम और परहेज छोड़कर भी ध्यान करते हैं जिसका लाभ कम ही मिल पाता है।

ध्यान की शक्ति का लाभ :
*मस्तिष्क की शक्ति को ध्यान की सहायता से कई गुना बढ़ाया जा सकता है और जीवन के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
*ध्यान से तनाव ही नहीं, पीठ का दर्द, लकवा, मांसपेशियों में खिंचाव, मधुमेह व अस्थमा जैसे रोगों का उपचार भी संभव है।
*याददाश्त बढ़ाने, मन-मस्तिष्क को एकाग्र करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और आज के प्रतिस्पर्द्धी वातावरण के दबावों का सामना करने के लिए ध्यान की शक्ति महत्वपूर्ण सिद्ध होती है।


ध्यान  एक ऐसी क्रिया है जिसके माध्यम आप अपने जीवन की अनेक समस्याओं का निवारण कर सकती है। वैसे ही जैसे हमे अपने शरीर के पोषण और स्वास्थ्य के लिए भोजन की जरूरत है, इसके अलावा हमारी त्वचा पर भी इसका विशेष असर देखने को मिलता है। तो जानें ध्यान के माध्यम से होने वाले फायदों के बारे में।
1. बेहतर और खूबसूरत त्वचा

ध्यान आपके शरीर की कोशिकाओं एंव इंद्रियों को नियत्रिंत कर मांसपेशियों को आराम देता है और नए त्वचा कोशिकाओं का निर्माण कर हमारे शरीर को क्रियाशील बनाता है। मुक्त कणों और तनाव का मुकाबला कर चेहरे पर पड़ी झुर्रियों की समस्या को दूर करता है। बढ़ते तनाव को कम कर , हार्मोनल असंतुलन, जैसी बुराईयो तो दूर कर हमारे तन मन को तरोताजा करता है।

2. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
लगातार होती जीवन की भागदौड़ में अनेक प्रकार की उलझनें और तनाव आते है। जिससे हमारा मन हमेशा विचलित सा बना रहता है। ध्यान ऐसे समय में वरदान रूपी भेंट है, जिसे करके आप अपनी अंदर की उथल पुथल का काफी हद तक कम कर सकते है। क्योकि यह तनाव को कम कर शरीर को आराम पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा पुराने तनाव को भी कम कर सार्थक परिणाम देता है। इसलिये आपको अपने घर पर नियमित रूप से स्वच्छ जगह पर बैठकर व्यायाम करना चाहिए।

3. त्वचा हाइड्रेट

ध्यान करने से हमारा मन शांत होने के साथ शरीर में स्थिरता बढ़ती है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है। इससे शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। और त्वचा की नमी को बनाये ऱखने के साथ उसे सुंदर और सुखद बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका भी अदा करता है। कई दिमागी बीमारियों को भी दूर कर मन तो शांति प्रदान करता है।

4. रक्तचाप को संतुलित करता है

तनाव बढ़ने से शरीर का रक्त चाप बढ़ने लगता है जिससे दिल की बीमारी का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे समय के लिये विशेषकर उच्च रक्तचाप की समस्या के लोगों के लिए ध्यान एक तैयार टॉनिक है। जिसे नजरंदाज करना सबसे बड़ी भूल हो सकती है। ध्यान करने के लिये आप 15-20 मिनट तक अपनी दोनो आँखें बंद करें और ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं। यही आपके स्वास्थ के लिये सबसे बड़ा टॉनिक बन सकती है।

5. तन मन को मिलती है खुशी

ध्यान करने से हमारे शरीर की ग्रंथिया सिथर रहती है मन को अपने काबू में करने की शक्ति मिलती है। जिससे मानसिक चंचलता और अस्थिरता पर नियंत्रण आता आता है। जिससे हमारा मन हमेशा तनाव मुक्त रहते हुए खुश रहता है। एक खुश मन के साथ गुस्सा करने की आदत भी धीरे-धीरे काबू में आ जाती है। पूरे दिन अच्छा और सकारात्मक माहौल बना रहता है।
ध्यान हमारे तन मन को काबू करने की एक अद्भुत दवा है जिसके लिये अब प्रमुख स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी कहते है कि अपने को स्वस्थ रखने के लिये आप इसका चयन अवश्य रूप से करते हुए 10 से 15 मिनट का समय अवश्य रूप से दें। इसके लिये आप स्वच्छ और सांत पूर्ण जगह पर बैठ कर आंखें बंद कर ध्यान में पूरी तरह से मग्न हो जाये और अपने शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ दें। जिससे आप का शरीर काफी हल्का हो जायेगा और आपको इसके बाद अद्भुत शांति प्राप्त होगी।

No comments:

Post a Comment

क्या आप अथवा आपका स्वजन असाध्य रोग से पीड़ित हैं ? प्राकृतिक चिकित्सा अपनायें...

प्राकृतिक चिकित्सा क्यों अपनायें ? प्राकृतिक चिकित्सा एक संपूर्ण चिकित्सा पद्धति है जो जड मूड से सभी प्रकार के सामान्...