Friday, August 2, 2019

उत्तर प्रदेश - सुलतानपुर जिले में आपूर्ती विभाग काबीले तारीफ .....?


उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में सरकारी राशन में दुकानदारो की बादशाहत बरकरार

DSO के पास सिर्फ़ तारीख के ऊपर तारीख..
       उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक अवध क्षेत्र जहाँ भगवान श्री राम ने अपने आपको दोष मुक्त होने के लिए यज्ञ करवाया था।ऐसे तीर्थ नगरी सुल्तानपुर में विश्वस्त सूत्रों के हवाले से मिली खबरो के अनुसार सरकार के द्वारा गरीबो को दिये जाने वाले राशन में जमकर लूट मचाई जा रही है। जिसकी जांच करवाने के लिये पर्यावरण मानव अधिकार संस्था के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सुल्तानपुर जिले के जिला आपूर्ति विभाग के मुख्य जिला आपूर्ती अधिकारी को टेलीफोनिक मुलाकात में दी गई। परन्तु ऐसे संगीन मामलो में यहां की प्रशासनिक पद्धति ढाक के तीन पात ही अब तक नजर आ रही है। सरकार कितने भी बड़े बड़े बेनरो और करोडो़ रुपये प्रचार प्रसार के माध्यम से सुधरने और सुधारने के दावे करे । जमीनी हकीकत में आज भी सच्चाई कोसो दूर है। और विद्वानों और जानकारो के अनुसार अपने आप को एकदम अच्छी सरकार और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार जैसे दावे का प्रचार प्रसार अभी चंद वर्षो से सरकारो ने शुरुआत की है। हालांकि यह भी सरकार के चंद रहीशो के कमाई का जरिया है जो कि जग जाहिर है। आज किसानों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जिसका असर सीधे महगाई से देखा जा सकता है। हालांकि इसे समझना आज सरकार के लिये भी टेढ़ी खीर के समान होता जा रहा है। और रास्ता यदि एक बार छूट जाये फिर मंजिल तक पहुंचने मे परेशानियों का सामना ही करना होता है। आज फिलहाल सरकार को ऐसे मामलो में अधिकारियों को तालमेल बैठाने और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। भ्रष्टाचार को कम करने के लिए जांच प्रक्रिया के साथ जन जागरूकता करवाने की विशेष जरूरत मानी जा रही है। सरकार की आपूर्ति विभाग जब कि जीवन जरूरियात मानव जीवन का अभिन्न अंग होने से विशेष दर्जा प्राप्त है। ऐसे विभागों में किसी भी भ्रष्टाचार के मामलो में तत्काल संज्ञान लेने की जरूरत होती है। कार्यवाही न करना सरकार को बदनाम करने में सहभागी होने के बराबर है। आज पहली बार देश साधु संतो महात्माओं योगी पुरुषों के हाथो में खुद बखुद गया है। देश यदि अपने इस परिवर्तन में भी गर्वित न हो पाया फिर अपने आप में अपनी नजरो में गिर जायेगा। आज हमारे इन महापुरुषों को भी चाहिए कि जिसके लिए हम कभी विश्व गुरु कहलाते थे उन सभी आधुनिक वैज्ञानिक और धार्मिक परंपराओ को अपनाने की कोशिश करें। सुलतानपुर के आपूर्ति विभाग के साथ जिले के समाहर्ता श्री इस समाचार को गंभीरता से लेकर कुदरती न्याय और मिले हुए पद के अनुसार जन हित और भ्रष्टाचार मुक्त भारत के अभियान में सहभागी बनने की दिशा में तत्काल कार्रवाई करेंगे। जिसके संदर्भ में कम से कम जैसा कि नियम है कि सभी सरकारी राशन प्राप्त करनेवाले जन मानस को कितना राशन दिया जाता है। उसे नियमानुसार रसीद देना अनिवार्य होता है। कम से कम इस प्रक्रिया को जो कि यहाँ इसका चलन अनिवार्य होने के बावजूद भी लुप्त है। उसे फिर से अनिवार्य करने के आदेश जारी के साथ हकीकत म़े उस आदेश का पालन हो रहा है उसे जांच भी करवायें। ताकि नागरिकों में सरकार की पारदर्शिता और सम्मान बरकरार रहे। भारत का सबसे महान और नाम से ही उत्तर प्रदेश यदि आज भी उत्तर भी न दे पाये कमजोर और असहाय बेसहारा आज भी महसुस करे फिर इसके सामने शब्दकोश मे शब्दों की गरिमा कम होगी। यहाँ लगभग सभी कार्यालयों में जन जागरूकता के नियमों में सरकार काफी पीछे ही नही अदृश्य नजर आ रही है। उसके बारे में भी समझना और लागू करना जरूरी है। पारदर्शक सरकार संपूर्ण बहुमत की सरकार आरटीआई के दायरे में न आकर नये कानून को लाकर अपने ऊपर वैसे भी सवालिया निशान के कटघरे में घिर चुकी है। और ऐसे जन हित के मामलों में पारदर्शिता न लाकर बदनामी के सिवा कुछ ज्यादा हासिल नही हो सकता।बात निकली है तब दूर तक जायेगी।
 सुलतानपुर के लंभुआ तहसील के बजरंगी यादव जिसे सरकार के द्वारा कई बार राशन न देने धोखाधड़ी के मामले में पहले से कितनी बार बंद कर दिया गया है। फिर भी कुछ तथाकथित प्रशासनिक अधिकारी गांधी दर्शन की अभिलाषा में पुनः स्थापित कर देते हैं। और हालत यहाँ तक गुजर चुकी है कि करीबन आधा अनाज लाभार्थियों को न देकर यह सरकारी अधिकारियों का कमीशन होता है। ऐसा कहकर गरीबो को अब सीधे निकाल दिया जाता है। जिसकी शिकायत सुलतानपुर जिला आपूर्ति अधिकारी को किया गया।उनके आज तक की किये गये जाच से परिणाम को देखकर जाना जा सकता है। पता चला कि लंभुआ में ही एक सप्लाई इंस्पेक्टर भी है। उनसे रुबरु शिकायत की गई ।हालांकि उन्होंने खुद मान भी लिया और बजरंगी यादव से शिकायत कर्ता से रूबरू मिलकर इस शिकायत के ऊपर हकीकत लक्षी से समझाने की बात कही। और बजरंगी यादव जी आये और सारी हकीकत को इस तरह बयान किये जैसे यह भ्रष्टाचार कम राशन देना लाभार्थियों के साथ सीधे सरकार के अधिकारियों को कमीशन देना ऐसी सभी का खुलासा करना कि यह बहुत पुण्य का काम कर रहे हैं। और इसकी जानकारी लंभुआ के सप्लाई इंस्पेक्टर और जिले के आपूर्ति विभाग को भी दी गई। इससे पता लगता है कि अकेले योगी सरकार क्या करे। यहां जब पूरा सिस्टम ही भ्रष्ट है। अब सरकार को एक नये ढंग से सोचना चाहिए।विद्वानों और जानकारो के मतानुसार ओपरेशन आल आउट सरहद ही नही पहले यहाँ चलाने की जरूरत है।फिलहालअब देखना होगा कि जिले के समाहर्ता और जिला आपूर्ती विभाग इस पर किस प्रकार से संज्ञान लेते हैं । सभी की नजरें इस पर अवश्य बनी रहेंगी ।

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