गुजरात की सुरक्षा विभाग के उपर आज संकट के बादल छाये हुए है। कहीँ पोलिस की धुलाई। कही बेगुनाह नागरिकों की पोलिस द्वारा धुलाई।नवसारी जिले की हालत बद से बदतर हो चुकी है। अमाजिक तत्वों का बोल बाला है। नवसारी पोलिस हर चार रस्ते तीन रस्ते पर दिन मे एक बार अवश्य चेकिंग करते वाट्सएप पर मेहनत करते अवश्य देखी जाती है। नवसारी पोलिस आज रात दिन मेहनत कर रही है। और ऐसी मेहनत पहले कभी नही देखी गई। और इसी गति से यहां नवसारी जिले मे चोरी डकैती बलात्कार दारू शराब भ्रष्टाचार मारामारी की घटनाओं मे इजाफा पाया जा रहा है। विद्वानो के मंतव्य से कही इनका आपसी गठबंधन हो सकता है। नवसारी पुलिस अभी कुछ महीने पहले चंदा वसूल करती पाई गई। अब यह करोडों मे वसूल किया गया। कहीं मिले हुए चंदे मे ऐसे लोग सामिल तो नही। इस प्रकार चंदा कभी वसूल नही किया गया। इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। और नवसारी जिले मे जाच करवाने हेतु कुछ बुद्धि जीवी आगे भी जारहे है। और सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार यहां पोलिस विभाग के सभी कर्मचारी भी एक साथ एक दिन मे कई घंटे लगातार काम करने से मानसिक शारीरक ग्रस्त हो चुके है। और यहाँ पोलिस कर्मियों के लिए कोई विशेष सुविधा भी नहीं है। आज इस समाचार पर उच्च अधिकारी यो को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सुरक्षा विभाग के ऊपर हर प्रकार से दंड देने से पहले आरोप लगाने से पहले उनकी हालत पर यदि न देखा गया ।फिर ऐसा ही क्रम चलता रहेगा। महाराष्ट्र से गुजरात अलग हुवा। आज भी बोम्बे एक्ट चल रहा है। परंतु गुजरात सरकार महाराष्ट्र पोलिस की तरह वेतन सुविधाओं की बात पर अपने आप को अलग करती पाई जाती है। अब इस समस्या के समाधान मे पुनः समीक्षा की जरूरत है।
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