Saturday, June 8, 2019

गुजरात के असली चौकीदार भाइयो की हालत.....? जवाबदेही किसकी....?

गुजरात मे चौकीदार भाइयो की हालत आज सरकारी अर्ध सरकारी प्राइवेट सभी गलियों से लेकर महलों तक, सोसायटी हो फैक्ट्री हो मिल हो बैंक हो कि कोई सोने चादी की दुकान कोई नेता हो कि कलेक्टर का कार्यकाल हो, नगरपालिका हो कि सरकार के आज लगभग सभी कार्यालयो के गेट पर सुरक्षा के लिए चौकीदार कार्यरत हैँ। नवसारी वलसाड सूरत तीनो जिलों मे सबसे पहले सरकार की कचेरियों मे चौकीदार भाइयों की हालत सबसे खराब और बदतर हालात मे पायी गई। नवसारी जिले मे इसकी फरियाद नवसारी लेबर कमिश्नर के कार्यालय मे एक वर्ष से लगातार की जा रही है। कलेक्टर महोदय जिला विकास अधिकारी को भी लिखकर दिया गया। नवसारी लेबर कमिश्नर एवम सरकारी श्रम अधिकारी को वारंवार लिखकर रूबरू अवगत कराया गया।और इन अधिकारियों की काम करने के तरीकों मे सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले से जो प्राप्त हुई है। उसे यहाँ लिखने मे शब्दों की गरिमा खतरे मे होने से लिखना संभव नही है। समझने वाली बात यह है कि यह सभी अधिकारी वैसे तो पढे लिखे और अनुभवी हैं। इन्हें सभी प्रकार के कायदेसर नीति नियमों का ज्ञान भी है। इससे सकारात्मक कार्रवाई के बजाय ए छटकबारी मे ज्यादा क्यों रुचि ले रहे हैँ। इसे समझना मुश्किल नही है।और यही हालात इन सभी जिलों मे समाहर्ताओ की है। और इन चौकीदार भाइयो की आर्थिक हालत ठीक नही है । विरोध पक्ष के पास सिर्फ और सिर्फ नकारात्मक दृष्टिकोण ही पाया जाती है। और वह भी सिर्फ झुकाने के लिए। आम नागरिकों की समस्या का यदि हल हो जाय फिर विरोध मे क्या करेंगे। इसलिए ऐसी किसी प्राथमिक समस्याओ का भी समाधान करना पक्ष बिपक्ष नही चाहता। आज हालत यहां तक पहुंच गई है कि पूरा एक सहाबा अपने नाम के सामने चौकीदार लिखने मे गौरवान्वित महसूस कर रहा है। असल जिंदगी मे चौकीदारो की हालत बहुत ही दयनीय है। इस समाचार को जब आप पढ रहे हैं आपसे गुजारिश है कि आप एक सामान्य नागरिक हो या किसी सरकारी पद पर विराजमान हों। आप के नजदीक किसी सोसायटी हो या फैक्टरी सरकारी कार्यालय हो या एक सामान्य दुकान। यदि वहां चौकीदार है फिर उसकी समस्या को एक बार सुने और सहभागी बनने की अवश्य कोशिश करे। आप सभी की जानकारी के लिए सरकार द्वारा हर उस नागरिक के लिए जो चौकीदार है लघुतम मासिक वेतन धारा 1948 के अनुसार कम से कम आठ घंटे की पगार के साथ बहुत सारी सुविधाए देने का प्रावधान है। और यह भी समझना जरूरी है कि यह किसी धर्म समुदाय अथवा पक्ष विपक्ष सरकारी अधिकारी अथवा राजनीति से संबंध नही रखता। न ही किसी भी प्रकार के हंगामा खडा करना अथवा बिवाद पैदा करना मकसद है। इसलिए ऐसी भावनाओं के साथ रहने वाले मित्र दूर रहे। आज चौकीदार भाइयोँ की हालत बद से बदतर देखी जा रही है। और कलेक्टर से लेकर गांधीनगर तक इनकी हर महीने समीक्षा भी की जाती है। महगाई के हिसाब से नये नये परिपत्र गाइडलाइन बनाई जाती है। नवसारी सूरत वलसाड जिले मे इस काम को जमीनी हकीकत पर उतारने के लिए लाखो रुपया हर महीने वेतन के साथ सभी सुविधाओं के साथ पूरी टीम तैनात की गई है। और नवसारी मे इस टीम के मुखिया को कई बार रूबरू और लिखित मे एविडेंस के साथ बताया गया। फिरभी इस पवित्र नवयुवक टीम ने आज तक एक भी कार्रवाई क्यों नहीं किया। उसे लिखने से शब्दों की गरिमा नाजुक होगी। और अब इस समाचार को उस जगह तक उस महापुरुष तक भेजा जाय जिसने इस शब्द मात्र से देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान हैं। यह जानना जरूरी होगा कि जिस शब्द मे इतनी ताकत है। यदि इन चौकीदार भाइयों को हम कम से दो वक्त की रोटी के साथ जरूरी जिसे सरकार भी देने के लिए आज आजादी के बाद से कह रही है वह सभी दे देंगे । फिर हमारे हिंदुस्तान की महिमा किन उचाइयो को पार करेगी। हमारे सभी पाठक मित्रों से अनुरोध है कि सच्चाई की इस मुहिम मे अपने नजदीक कार्यरत चौकीदार भाइयों की हकीकत पर एक नजर जरूर करें। और यदि आप इसमे कुछ भी इनके जीवन की समस्याओ मे कर सकते है। अवश्य सहभागी बने। इन सभी को मिलने वाली सुविधाओं वेतन इत्यादि को जाने । आप अपने मोबाइल से इनकी हर मुसीबत को संबधित अधिकारी के साथ हमारे पास भेजने मे मदद करें।

No comments:

Post a Comment

ખોરાક અને ઔષધ નિયમન તંત્ર નવસારીના મદદનીશ કમિશ્નરની શૈક્ષણિક લાયકાત અને કામગીરી સાથે હેડ ક્વાર્ટરમાં રહેવા ....

ખોરાક અને ઔષધ નિયમન તંત્ર નવસારીના મદદનીશ કમિશ્નરની શૈક્ષણિક લાયકાત અને કામગીરી સાથે હેડ ક્વાર્ટરમાં રહેવા ....RTI  નવસારી જિલ્લામાં આજ...