Saturday, June 1, 2019

नवसारी जिला आयोजन मंडल आरटीआई के भवर मे..? विद्यार्थियों की करुण मोत पर तमासा और राजनीति......?

नवसारी जिला आयोजन मंडल आरटीआई के
 भंवर मे..? 
 भ्रष्टाचार विरुद्ध भारत में आये नवसारी जिले के कई आलाअधिकारियों के नाम ॥ 
"अब जाये तो जायें कहां"
 नवसारी जिले में जिला आयोजन मंडल जिसमें हर साल करोड़ों रूपये संसद और विधायको नाम के फंड स्वरूप , शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ अलग अलग नयी नयी योजनाओं के नाम पर दिल खोलकर बांटे गये। हालांकि कायदे के अनुसार नियमो में सिर्फ और सिर्फ संसद और धारासभ्य फंड ही कहा जाता है। और यहां एक मामला गौर तलब है कि पहली बार श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ऐतिहासिक परंपरा को तोड़ दिया । जहाँ जहाँ प्रधानमंत्रियों के नाम से योजनाओ का नाम दिया जाता था। वहां वहां अब सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री योजना का नाम देकर एक नई व्यवस्था नया नाम दिया। परन्तु यहाँ नवसारी जिले मे संसद सभ्य और धारासभ्य फंड की जगह अपने अपने नाम लिखवाया और फोटो  पाये गये। खरेखर यह दुर्भाग्यपूर्ण और शरमजनक आज सरकार के प्रधानमंत्री के नियमो के अनुसार होना चाहिये । पहले इंदिरा आवास योजना था । अब प्रधानमंत्री आवास योजना श्री नरेन्द्र भी मोदी की बख्सीस है । नवसारी जिले में बिना नाम के एक बाकडा नही मिलेगा। और यह लगभग सभी गली मोहल्ले मे देखा जा सकता है । और नवसारी जिला आयोजन मंडल के अधिकारियों ने इस योजना के तहत जमकर कमाया। लाखो रुपये का बाकड़ा और पिकअप स्टैंड मे अपनी कमाई के चक्कर में पक्का बिल लेना भूल गये। ठीक ऐसी ही तर्ज पर करोड़ों रुपये का कोम्प्युटर शिक्षा के क्षेत्र मेंं बाटे और बिल लेना भूल गये। और अब यहां ब्रांडेड कंपनियों के नाम जिला आयोजन और अमलीकरण अधिकारियों ने सरकार को जमकर चूना लगाया।मिल रही खबरो के अनुसार कायदेसर जांच की जाये फिर कोम्प्युटर का चेहरा ही ब्रांडेड अंदर के यंत्रों मे षडयंत्र की काफी संभावना बताई जा रही है। नवसारी नगरपालिका ने भी आर्मी ट्रेनिंग के नाम पर लाखो रुपयें की योजना मे अपना नाम रोशन किया। नवसारी नगरपालिका के कई अधिकारियों और नवसारी में ही रह रहे नागरिकों को अभी तक ऐसी किसी भी आर्मी ट्रेनिंग के बारे मे पता नही है। अब यह आर्मी ट्रेनिंग जमीन पर नही फिर कहां चल रही है ? जानकारो का मानना है कि यहां ज्यादातर योजनाएं और विकास अभी तक सरकारी फाईलों मे ही चलायी जाती है। और जमकर खर्च भी किये जाते है। नवसारी जिले मे एनयुएलएम नगरपालिकाओ मे स्व रोजगार का सवसे बडा माध्यम है । इसे भी वर्षों से इसी तर्ज पर चलाया जा रहा है। जिसे जमीन के ऊपर ढूढते रह जाओगे। नवसारी जिला आयोजन मंडल पर फिलहाल संकट के बादल छाये हैं। जिला आयोजन अधिकारी श्री आरटीआई अगेन्स्ट करप्शन के भंवर मे फसते नजर आ रहे हैं । अपनी गलतियों और भ्रष्टाचार को छिपाने के चक्कर में अरजदार के ऊपर गर्मी बताने मे भूल गये कि आरटीआई में कलेक्टर और मंत्री का कोई पद नहीं होता। और न ही यहां कोई मालिकाना हक होता है। वेतन लेनेवाला हर नागरिक सिर्फ और सिर्फ नौकरशाह ही नहीं नौकर ही होता है ।अब चाहे वह शासन मे हो या प्रशासन में। नवसारी जिले के नगरपालिकाओ मे कायदेसर शिक्षित अधिकारियों को रखने से यहां के प्रशासन को डर लगता है। कहीं गलती से आ जाये और इन के मुताबिक काम न करें। भ्रष्टाचार मे दखल करे। ऐसे अधिकारियों को तत्काल हटाने की पूरी मुहिम चलाई जाती है। और तब तक एक आंदोलन चलाते हैं जब तक उसे हटाया न जाये। भ्रष्टाचार को यहाँ शिष्टाचार से नवाजा जाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। असमाजिक तत्वों की धंधों की और ऐसे व्यवसाय से जुड़े लोगों ने आज ईमानदार अधिकारियों को अपने चपेट मे ले लिया है। अच्छे इमानदार अधिकारी दर दर भटकते रहने से अच्छा इनकी खुशामद मंजूर कर दुःखी हैं। आज अच्छे ईमानदार और इमानदार अधिकारी दोनों जाये तो जाये कहा। आज सभी को इमानदार कहना अनिवार्य है। बेईमान लिखते ही टेलीफोन धमकी न जाने कितनी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इसलिए ई और छोटी इ का उपयोग करना पड़ रहा है।
नवसारी जिला आयोजन मंडळ  के अधिकारी फिलहाल एक स्व हस्तांरित पत्र दिये जिससे उनकी काफी जानकार होने का अंदाजा लगाया जा रहा है । श्री आयोजन मंडल के वर्ग-1 के अधिकारी श्री वैसे कई वर्षो से जिला ग्राम विकास एजन्सी मे काफी विकास इसी तर्ज पर कर चुके हैं । और कर भी रहे हैं।और काफी अनुभवी माने जाते है । इसीलिये भुल गये कि उन्हे जो महीने के आखिर में वेतन मिलते हैं। ए आते कहां से हैं । पर्यावरण मानव अधिकार संस्था के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष के सामने गर्म मिजाज से कायदा बताते हुए अधिकारी के लिये आज यह जानना जरूरी होगा कि मिलने वाला हर रूपया किसी गरीब मजलूम किसान बेसहारा अनाथ आदिवासी विधवा दलित पिछडा से लेकर हमारे छोटे नौकिरियात व्यापारी और उद्योगपति की महेनत मसक्कत और खून पसीने की रोज रोज कमाई का है। जिसे आपके खाते में सरकार दिल खोलकर डालती ही नही । अपितु सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाए मुफ्त मे दे रही है । और एक एक रूपया ठीक इसी तरह से आता है । जिसका  कोई हिसाब भी नही है । सदर जांबाज अधिकारी ने लिखा है कि अमलीक्ररण अधिकारीओ से बिल और अन्य जाकर लें । और अपने पत्र में किसी भी अमलीकरण अधिकारी का कोई जिक्र भी नही किये। सूचना के अधिकार के नियम के मुताबिक जो सूचना कार्यालय मे नहीं हो उसे महत्तम पांच दिन मे ट्रांसफर करना अनिवार्य है। और मागी गई सूचना मागने वाले अरजदार को नियम बद्ध बताया जाय। जो कि इस कार्यालय में क्रमबद्ध रखने की परंपरा ही नही है। सदर अधिकारी के द्वारा दिये गये पत्र का मतलब उनके ही कचेरी के कर्मचारियों को भी पता नही है।और उसके लिये नवसारी जिले के कई आला अधिकारीओ वकीलो और विद्वानो जानकारो से पूछा गया कि इसका जवाब कौन अमलीकरण अधिकारी देगा । जो जवाब इनके पक्ष में दिये गये । उसे यहां लिखना शब्दो के साथ बदतमीजी मानी जायेगी । इसलिये यहां लिखा नही जा सकता । फिलहाल इस जानकारी के लिए सूचना के अधिकार के नियम के मुताबिक न्याय और सूचना मिलने हेतु प्रथभ अपील निवासी अधिक कलेक्टर श्री के पास की गई है। अब देखना होगा कि प्रथम अपील अधिकारी के तोर पर अधिकारी श्री जो कि कायदेसर अपील अधिकारी के साथ सुपर विजन अधिकारी भी हैं । सरकार के द्वारा विकास समृद्ध गरीबो के लिए रोजगार आदि के लिए दिये गये विभिन्न योजनाओं के तहत फंड में हुए भ्रष्टाचार करनेवाले अधिकारी के पक्ष मे अपना फैसला सुनायेंगे । कि न्याय हेतु हुक्म करेंगे। इस समाचार के ऊपर जागृत नागरिको विद्वानों की नजर अवश्य रहेगी। 


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